डिलीवरी के तुरंत बाद नवजात को अस्पताल में ही फेंक कर चली गई मां, नोंच नोंच कर खाने लगे कुत्ते
इटावा। जिला मुख्यालय पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय परिसर से एक शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। दोपहर करीब दो बजे के आस-पास चिकित्सालय परिसर में एक नवजात के शव को कुत्ते अपना निवाला बना रहे थे। जिसे देखकर अस्पताल में हड़कंप मच गया।

यह था पूरा मामला
डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय सयुंक्त चिकित्सालय के पुलिस अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि आज दोपहर दो बजे के आस-पास इस बात की खबर मिली है कि अस्पताल परिसर में प्रशासनिक भवन के सामने एक नवजात शिशु का शव मिला है। उन्होंने इस बात का दावा किया है कि यह शव इस अस्पताल का नहीं है। कहीं और से कुत्ते आदि इसको खींच करके लाए होंगे। इस शव के बारे मे लोगों की ओर से इस बात की भी जानकारी दी गई है कि उसको कुत्तों ने अपना निवाला बनाया।
अस्पताल में कराया जाता है अवैध गर्भपात
शव को देखने वाले प्रमोद कुमार ने बताया कि 'नवजात शिशु का शव प्रशासनिक भवन के ठीक सामने कुत्तों के निवाला बनाए जाने से मन खिन्न हो गया। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस दावे से बच नहीं सकता है कि शव उनके अस्पताल का नहीं है।' अस्पताल के कई कर्मियों ने बिना नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि 'चिकित्सालय के महिला शाखा में कई ऐसी महिलाओं की भी डिलीवरी भी की जाती है जो अवैध की श्रेणी में आते हैं। एक के बाद एक करके लगातार निकल रहे नवजात शवों ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिये हैं। लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर कौन है जो नहर में नवजात शवों को फेंकने का काम कर रहा है। कई लोग अवैध गर्भपात के बाद शवों को फेंकने का शक आस-पास के नर्सिग होमों पर जताते रहे हैं।
दो किलोमीटर के दायरे में हैं चार प्राइवेट अस्पताल
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम करवाने के लिए भेजा जो बच्चे विकसित नहीं थे। तीन मार्च को भी इसी स्थान पर दो नवजात बच्चों के शव मिले थे। तब अंदाजा लगाया गया था कि बच्चे मृत पैदा हुए होंगे, जिसकी वजह से उन्हें नहर में प्रवाहित कर दिया गया। लेकिन तीन दिन बाद दोबारा से उसी स्थान पर शव मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि क्षेत्र में अवैध गर्भपात कराया जा रहा है। जहां बच्चों के शव मिले हैं उसके करीब दो किलोमीटर के दायरे में चार प्राइवेट अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं।
महिलाएं रुपये वसूलकर कराती हैं गर्भपात
नहर में बच्चों के शव मिलने पर चितभवन गांव के प्रधान मनोज कुमार त्रिपाठी का कहना है कि 'अवैध गर्भपात में क्षेत्र की कुछ महिलाएं शामिल हैं। कुछ महिलाएं मोटी रकम वसूलकर अवैध गर्भपात कराती हैं। गर्भपात के बाद शवों को ठिकाने लगाने का काम भी इनके ही हाथ में होता है। हालांकि इसके पुख्ता सबूत तो नहीं हैं, लेकिन फिर भी यह जांच का विषय है।












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