नंबर होने के बाद भी अमिताभ ठाकुर को धमकी देने वाले को नहीं खोज पाई पुलिस
लखनऊ। लोगों की मदद करने का दावा करने वाली यूपी पुलिस ने अपने ही आईपीएस की मदद करने के मामले में हाथखड़े कर दिए हैं। आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकी भरे एसएमएस भेजने वाले को तलाशने में लखनऊ पुलिस कामयाब नहीं हो सकी है। इस मुकदमे के एक साल बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी है।

ये था पूरा मामला
आपको बता दें कि आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 26 जून, 2017 को उनके मोबाइल नंबर 94155-34526 पर मोबाइल नंबर 80091-55041 से कई ब्लैंक कॉल तथा धमकी भरे एसएमएस आए थे। जिसके संबंध में उन्होंने थाना गोमतीनगर में 864/2017 धारा 504, 507 आईपीसी व 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में पुलिस अभियुक्त को तलाश पाने में पूरी तरह नाकामयाब रही और अब एक साल बाद गोमतीनगर पुलिस ने इस मामले में 14 जुलाई को अंतिम रिपोर्ट लगा दी है।
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कोर्ट के सामने रखे मामला
इस पुरे मामले पर आईपीएस अमिताभ ठाकुर का कहना है कि पुलिस ने किस आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगाई, उन्हें नहीं पता है, पर पुलिस की फाइनल रिपोर्ट लगाने की खबर सुनकर मुझे भी अफ़सोस हुआ। मैंने बाकायदा पूरी डिटेल दी थी और उस नंबर को भी दिया था जिससे मुझे फ़ोन आया था और धमकी भरा मैसेज आया था। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि अब इस मामले को न्यायलय के सामने रखेंगे। इस पुरे प्रकरण की जांच किसी अलग एजेंसी से करवाने की मांग करेंगे।
ऐसे में सवाल ये है भी उठता है कि जिस हाइटेक यूपी पुलिस का जिक्र करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थकते नहीं है, वहीं यूपी पुलिस आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मामले में बेबस नजर आ रही है।
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