IIT Kanpur का कमाल! अब बिना मानसून होगी आर्टिफिशियल बारिश, क्लाउड सीडिंग से पहला मशीनरी टेस्ट कामयाब
कृत्रिम बारिश के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। आईआईटी कानपुर ने क्लाउड सीडिंग के जरिए आर्टिफिशियल बारिश का ट्रायल सफलतापूर्वक साकार कर लिया है।
IIT Kanpur: आर्टिफिशियल बारिश के क्षेत्र में भारत को अपने एक ट्रायल में कामयाबी हासिल हुई है। इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) द्वारा शनिवार को आयोजित किया गया। क्लाउड सीडिंग के जरिए आर्टिफिशियल बारिश का ट्रायल 5 हजार फीट की ऊंचाई पर किया गया। ऊंचाई से पाउडर गिराया गया, जिससे कृत्रिम बादल बने। लेकिन, बारिश नहीं हुई क्योंकि बादलों में फ्लेयर्स नहीं दागे गए। यह सिर्फ उपकरण के लिए एक परीक्षण था।
कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि सफल परीक्षण उड़ान का मतलब है कि अब हम बाद के चरणों में क्लाउड सीडिंग चलाने के लिए तैयार हैं। यह परीक्षण नगर विमानन निदेशालय यानी डीजीसीए की अनुमति के बाद ही किया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि हम पिछले कुछ सालों से इस परियोजना पर काम कर रहे हैं। कोविड के कारण खरीद प्रक्रियाओं में देरी हुई। हालांकि, यूपी सरकार ने कई साल पहले ही क्लाउड सीडिंग के परीक्षण की अनुमति दे दी थी।
प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने यह भी बताया कि आईआईटी कानपुर में एक अनोखा प्रयोग किया गया। क्लाउड सीडिंग के लिए एक परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक आयोजित की गई। अमेरिका में एक निर्माता से खरीदे गए सेसना एयरक्राफ्ट के साथ क्लाउड-सीडिंग अटैचमेंट के साथ टेस्टिंग की गई। परीक्षण में मानक के अनुसार फ्लेयर का उपयोग करके एजेंटों को फैलाया गया। जिससे बादल बने। लेकिन, बारिश नहीं हुई क्योंकि बादलों में फ्लेयर्स नहीं दागे गए थे।












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