अब अखिलेश यादव से नहीं बल्कि अपने ही नेताओं से है योगी आदित्यनाथ का मुकाबला

लखनऊ, 10 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भरोसा है कि एक बार फिर से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को जीत मिलेगी। योगी आदित्यनाथ ने कई बार इंटरव्यू में कहा है कि भाजपा यूपी में 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है और अखिलेश यादव को विदेश भागना पड़ेगा। यूपी के चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने कई ऐसे बयान दिए जिसके चलते उनकी आलोचना हुई। 80 बनाम 20 उसी बयान में से एक रहा। राजनीतिक गलियारों की बात करें को योगी आदित्यनाथ के लिए सबसे बड़ी चुनौती अखिलेश यादव हैं लेकिन जिस तरह के बयान योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं उसके बाद अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और नेता उनके पद चिन्हों पर चलने की कोशिश कर रहे हैं।

योगी की राह पर भाजपा शासित राज्यों के नेता

योगी की राह पर भाजपा शासित राज्यों के नेता

भाजपा शासित अन्य राज्यों की बात करें तो असम, मध्य प्रदेश, कर्नाटक ऐसे उदाहरण हैं जहां के मुख्यमंत्री पहले इस तरह के कट्टर बयान नहीं देते थे और ना ही हिंदुत्व को लेकर इस तरह से मुखर होकर बात करते थे। लेकिन अब जिस तरह से योगी आदित्यनाथ ने अपने बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं, उसके बाद ये नेता भी योगी आदित्यनाथ की राह पर चलते दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ के सामने अहम चुनौती है कि जिस तरह से ये नेता अब सख्त और कट्टर रुख अख्तियार कर रहे हैं क्या उसके बीच योगी आदित्यनाथ खुद को इनसे अलग रखने में सफल होंगे।

हिमंत बिस्व शर्मा को अब नहीं चाहिए इनके वोट

हिमंत बिस्व शर्मा को अब नहीं चाहिए इनके वोट

2014 में हिमंत बिस्व शर्मा कांग्रेस में थे और उन्होंने पीएम मोदी को आतंकवादी तक कह दिया था, उन्होंने कहा था कि हम हिंदू-मुस्लिम नहीं करते हैं, उन्होंने गुजरात के 2002 के दंगों के परिपेक्ष्य में यह बयान दिया था। लेकिन 2021 आने तक हिमंत बिस्वा शर्मा के तेवर बिल्कुल बदल गए हैं, अब वह कहते हैं कि भारत हिंदुओं का और भाजपा का है, यही नहीं 2015 में उन्होंने यह तक कह दिया था कि उन्हें मिया के वोट नहीं चाहिए।

शिवराज सिंह ने बदले तेवर

शिवराज सिंह ने बदले तेवर

वही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बात करें तो वह अपने सरल स्वभाव और संतुलित बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। मध्य प्रदेश कैथोलिक चर्च असोसिएशन के जन सूचना अधिकारी फादर मारिया स्टीफन कहते हैं कि वह पहले हर क्रिसमस पर आते थे, हमे बधाई देते थे, लेकिन इस बार के शासनकाल में वो नहीं आए। स्टीफन का कहना है कि जिस तरह से मध्य प्रदेश में गिरिजाघरों पर हमले हुए हैं, उसे इसकी एक बड़ी वजह माना जा सकता है। पहले उन्हें ईद के मौके पर जालीदार टोपी पहनने और इफ्तार में जाने में कोई दिक्कत नहीं होती थी, यही वजह है कि 16 फीसदी मुसलमानों ने भाजपा को 2018 में वोट दिया। लेकिन 2020 में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो लोग लव जिहाद को कर रहे हैं वो बर्बाद हो जाएंगे।

येदियुरप्पा ने बदला ट्रैक

येदियुरप्पा ने बदला ट्रैक

कुछ इसी तरह से कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी अपने सुर बदले हैं। कांग्रेस नेता सिद्धरमैया कहते हैं कि 2012 में येदियुरप्पा ने सार्वजनिक तौर पर टीपू सुल्तान की जयंती को मनाया था और टीपू सुल्तान की टोपी भी पहनी थी, हाथ में तलवार भी उठाई थी, लेकिन 2019 में उन्होंने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया और कहा कि अब आगे के साल में वह सभी किताबों से उन मुस्लिम शासकों के नाम हटा देंगे जिन्होंने अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ी। सिद्धारमैया ने एंटी सीएए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए मुस्लिम प्रदर्शनकारियों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली से निर्देश के बाद इसे रद्द कर दिया। यही नहीं बात में बजरंग दल के एक्टिविस्ट जिसकी शिवमोगा में हत्या कर दी गई और उसके खिलाफ आपराधिक मामलेदर्ज थे उसके परिजनों को 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया, इसकी अहम वजह थी कि उसे मुस्लिम हमलावरों ने मारा था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+