आखिर कैसे ध्वस्त हुआ योगी आदित्यनाथ का किला, इन आंकड़ों से हुआ खुलासा
लखनऊ। यूपी उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद खुद भाजपा को इस बात का यकीन नहीं हो रहा है कि आखिरकार कैसे पार्टी गोरखपुर और फूलपुर के चुनाव में सपा के उम्मीदवार के खिलाफ बुरी तरह से हार गई। लेकिन गोरखपुर लोकसभा सीट के पिपराइच क्षेत्र में भाजपा की हार की वजह छुपी हुई है। इस क्षेत्र से सपा उम्मीदवार को पिछले चुनाव में भाजपा के खिलाफ सिर्फ 243 अधिक वोट हासिल हुए थे। लेकिन इस बार उपचुनाव में यहां सपा को भाजपा उम्मीदवार से 40000 अधिक वोट हासिल हुए। इस क्षेत्र में अलग-अलग पार्टियों का वोट बैंक है, जिसमे सपा, बसपा, पीस पार्टी आदि भी शामिल हैं।

योगी बाबा अब नहीं सुनते
न्याय पार में कई वोटर योगी आदित्यनाथ के फैन थे, यहां कुल 412 पोलिंग बूथ थे जहां योगी आदित्यनाथ का दबदबा था। इन लोगों का कहना है कि इन लोगों ने 2014 में भाजपा को वोट दिया था लेकिन इस बार के उपचुनाव में उन्होंने दूसरा विकल्प चुना है। यहा रहने वाले एक स्थानीय निवासी गिरीश भारद्वाज ने बताया कि हम बाबा योगी आदित्यनाथ के आस-पास रहते थे, उनके साथ घूमते थे। जब वह न्याय पार आए थे तो हमारे साथ रहते थे, हम उनके लिए गोली भी खाने को तैयार थे, वह हमारे लिए पवित्र थे। लेकिन गिरीश का कहना है कि योगी आदित्यनाथ वह गरीबों की बात भी नहीं सुनते हैं, जब यहां आते हैं। वह अब अमीर लोगों की बात को सुनते हैं। बाबा ने हमे दूर कर दिया है, मोदी ने हमे दूर फेक दिया, हम क्या कर सकते हैं, आखिर हम ऐसे लोगों का कैसे समर्थन कर सकते हैं जिन्होंने हमारा साथ नहीं दिया।

गरीब नाराज
गांव की कई महिलाओं का कहना है कि उन्होंने इस बार भाजपा की जगह सपा को वोट दिया है। न्याय पार रहने वाली एक महिला माधुरी देवी ने कहा कि बाबा और मोदी ने पैसे की वजह से लोगों को अपने से दूर कर दिया। अगर इन लोगों ने यह पैसा गरीबों को दिया होता तो अच्छा होता। लेकिन गरीबों को पैसा नहीं दिया गया है, बाबा ने गरीबों को अपने से दूर कर दिया है। 2014 में निषाद और दलित वोटर्स ने भाजपा को अपना वोट दिया था, लेकिन इस बार इन लोगों ने भाजपा को अपना वोट नहीं दिया है।

इस बार नहीं दिया मंदिर को वोट
पिपराईच में रहने वाले नागेंद्र निषाद का कहना है कि हमारे समुदाय के 40 फीसदी लोगों ने पिछली बार मंदिर को अपना वोट दिया था, लेकिन इस बात हमारा समुदाय समझ गया है कि कि हमारे लिए कोई आरक्षण नहीं है, इन लोगों ने हमसे झूठ बोला है और हमे कुछ भी नहीं दिया है। जिसके चलते बसपा के वोटर्स ने भी सपा के उम्मीदवार को अपना वोट दिया और भाजपा को काफी नुकसान पहुंचाया।

शहर में कम मतदान निर्णायक
गोरखपुर देहात में रहने वाले बसपा समर्थक शिवशंकर राम का कहना है कि पुरानी दुश्मनी को भूल जाइए, अब बुआ-भतीजा साथ हैं। आपको बता दें कि गोरखपुर देहात में सपा के उम्मीदवार को भाजपा के उम्मीदवार से 16281 वोट अधिक मिले। शिवशंकर का कहना है कि बहनजी का संदेश अखबार के जरिए हमे मिला था कि हमे सपा को अपना वोट देना है और बसपा ने सपा को अपना समर्थन दिया। गोरखपुर शहर में भी भाजपा का वोट प्रतिशत गिरा है। यहां भाजपा को 81812 वोट पिछले चुनाव में मिले थे, लेकिन इस बार उसे सिर्फ 24577 वोट मिले।
इसे भी पढ़ें- उपचुनाव में हार के बाद अमित शाह ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी, बताई हार की वजह












Click it and Unblock the Notifications