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VIDEO: ना मिला स्ट्रेचर ना मिली एम्बुलेंस, नाली किनारे लाश रखकर इंतजार करता रहा बेबस परिवार

By Prashant
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    हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक वाकया सामने आया है। इस बार फिर से अस्पताल प्रशासन ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। दरअसल यहां एक घायल मजदूर को परिवार वाले अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और डेड बॉडी ले जाने की बात कही। लेकिन इमरजेंसी में तैनात चिकित्स्कों ने मृतक के परिजनों को ना तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया और ना ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था कराई। लिहाजा परिजन मृतक के शव को हाथों में उठा कर अस्पताल के बाहर लाए और सड़क किनारे नाले के पास फुटपाथ पर मृतक के शव को रख दिया और वाहन इंतजार करने लगे। खबर मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    मिट्टी खोदते खोदने उसी में हो गया था दफ्न

    मिट्टी खोदते खोदने उसी में हो गया था दफ्न

    मामला कोतवाली देहात के अल्लीपुर का है जहां रहने वाला 25 वर्षीय प्रमोद कुमार पुत्र मक्का मज़दूरी कर के अपने घर का पालन पोषण करता था। गांव के ही श्री कांत के घर बोरिंग होने के बाद सहनिवार की दोपहर वह मिट्टी की खुदाई कर रहा था की तभी मिट्टी का टीला उस पर पलट गया जिसके बाद वो उस में ही दब गया। स्थानीय लोगों ने मिट्टी हटा कर किसी तरह उसे निकाला और बेदम हालत में उसे जिला अस्पताल लेकर आ गए।

    इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने टरका दिया

    इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने टरका दिया

    अस्पताल पहुंचने के बाद इमरजेंसी में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ( ईएमओ ) मनोज श्रीवास्तव ने प्रमोद को देखा और मृत घोषित कर दिया। साथ ही साथ परिजनों को डेड बॉडी ले जाने की हिदायत दी अन्यथा की स्थित में शव को मॉर्चरी में रख कर पोस्टमार्टम कराने का डर दिखा डाला, लेकिन चिकित्सक ने परिजनों को स्ट्रेचर या शव वाहन उपलब्ध करने की ज़हमत नहीं उठाई।

    कोई पहला मामला नहीं

    कोई पहला मामला नहीं

    ये कोई पहला मामला नहीं है इस तरह एक मामला 21 जून 2017 में भी सामने आया था जब छप्पर में लगी आग की चपेट में आ जाने से गंगावती (35) पत्नी हरिश्चंद्र निवासी ग्राम बरगदिया थाना शहर कोतवाली गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया परिजनों द्वारा चिकित्सकों से जब एंबुलेंस मांगी गई तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। परिजन गंभीर हालत में झुलसी महिला को कंधे पर लादकर वहां से टेंपो स्टैंड पहुंचे वहां से प्राइवेट वाहन करके लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। इस घटना ने भी अस्पताल प्रशासन को काफी शर्मसार किया था।

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    English summary
    hardoi hospital insensitive behavior seen again did not give stretcher

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