Hair Transplant: सीएमओ ने बनाई जांच कमेटी, अब खुलेगा डॉक्टर दंपती के क्लीनिक का पूरा काला चिट्ठा
Hair transplant clinic news: उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर में चल रहे एक निजी क्लीनिक से जुड़ा मामला अब बड़ा विवाद बन चुका है। केशवपुरम में हेयर ट्रांसप्लांट कराने वाले दो लोगों की जान चली जाने के बाद डॉक्टर अनुष्का तिवारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
पनकी पावर हाउस के सहायक अभियंता की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कई और लोग सामने आकर अपनी आपबीती सुना रहे हैं। फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव और आसपास के इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं कि इलाज के बाद उन्हें संक्रमण और चेहरे की विकृति जैसी समस्याएं झेलनी पड़ीं।

क्लीनिक में इलाज के नाम पर भारी रकम वसूली जा रही थी, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद लचर थीं। पीड़ितों के मुताबिक, न तो ट्रांसप्लांट सही प्रक्रिया से हुआ, न ही डॉक्टर की निगरानी में। अब लगातार कमिश्नर कार्यालय में शिकायतें दी जा रही हैं।
कन्नौज और उन्नाव से सामने आईं डरावनी कहानियां
कन्नौज निवासी जीत कुमार कटियार ने बताया कि वह मृत अभियंता के साथ क्लीनिक आए थे। इलाज के बाद उनके माथे के बाईं ओर संक्रमण हो गया। समय बीतने के साथ इंफेक्शन इतना बढ़ गया कि चेहरे का आकार बदल गया।
उन्होंने बताया कि क्लीनिक स्टाफ ने उन्हें आश्वासन दिया कि यह समस्या जल्द ठीक हो जाएगी, लेकिन संक्रमण का असर और बढ़ता गया। अब वह लखनऊ में इलाज करा रहे हैं और इस अनुभव को किसी बुरे सपने से कम नहीं मानते।
बिस्तर से उठना हुआ मुश्किल
उन्नाव के अचलगंज निवासी राजेंद्र पाठक ने अगस्त 2024 की घटना साझा की। वे अपने दोस्त विक्रम के साथ क्लीनिक गए थे। विक्रम के सिर के बाईं ओर संक्रमण फैला जो धीरे-धीरे पूरे चेहरे तक पहुंच गया।
ट्रीटमेंट के कुछ दिन बाद विक्रम की हालत इतनी बिगड़ गई कि वह बिस्तर से उठ नहीं सके। राजेंद्र का कहना है कि उन्हें कभी यह अंदेशा नहीं था कि बालों का इलाज जानलेवा साबित हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बर्रा के रहने वाले ठेकेदार रामजी सचान ने 25 जुलाई 2021 का किस्सा सुनाते हुए बताया कि वह दोस्त के कहने पर हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहुंचे थे। डॉक्टर ने उनसे 50 हजार रुपये ट्रांसप्लांट और दो हजार जांच के नाम पर लिए।
रामजी ने कहा कि जब वह क्लीनिक पहुंचे तो देखकर दंग रह गए। ओटी एक कमरे में बनाई गई थी, जहां दो लोग लेटे थे। हेयर ट्रांसप्लांट का काम दो अनजान और अनुभवहीन युवक कर रहे थे। डॉक्टर सिर्फ एक-दो बार आईं और देखकर चली गईं।
इलाज के बाद सूजन और दर्द ने बढ़ाई परेशानी
ट्रांसप्लांट के कुछ घंटों बाद ही रामजी के सिर और चेहरे पर सूजन आ गई। उन्होंने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्हें बाद में निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से किसी की जान भी जा सकती है। अब वह दूसरों को ऐसे क्लीनिकों से दूर रहने की सलाह देते हैं।
डॉ. अनुष्का और उनके पति डॉ. सौरभ घटना सामने आने के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस ने रावतपुर में उनके पिता के घर पूछताछ की, वहीं झांसी, बनारस और प्रयागराज में भी छापेमारी जारी है।
कल्याणपुर एसीपी अभिषेक पांडेय के मुताबिक, दोनों के पास बीडीएस की डिग्री है, लेकिन हेयर ट्रांसप्लांट की कोई स्पेशलाइजेशन नहीं थी। ऐसे में यह मामला अवैध मेडिकल प्रैक्टिस का भी बनता है।
सीएमओ ने गठित की जांच कमेटी
सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने मीडिया को बताया कि इस मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद मौत के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।












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