VIDEO: कानपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पास मरीज को ऑक्सीजन लगाने का समय नहीं
कानपुर के जिला अस्पताल में मरीज काफी मरेशान है। यहां तीमारदार को अपने मरीज को खुद ऑक्सीजन लगाना पड़ रहा है। अस्पताल में डाक्टर और कर्मचारी मरीजों से सीधे मुंह बात तक नहीं करते।
कानपुर। गोरखपुर में हुए हादसे के बाद भी कानपुर के अस्पतालों पर कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है। कानपुर के सबसे बड़े अस्पताल उर्शला में मरीजो का हाल बेहाल है। तीमारदार को अपने मरीज को खुद ऑक्सीजन लगाना पड़ रहा है। अस्पताल में डाक्टर और कर्मचारी मरीजों से सीधे मुंह बात तक नहीं करते। अस्पताल में फ्री में मिलने वाली दवा भी बाहर से लानी पड़ रही है।

कानपुर का यूएचएम जिला अस्पताल यानी उर्शला में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यंहा पर भर्ती मरीजों से डाक्टर और कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते है। अस्पताल में फ्री में मिलने वाली दवा भी डाक्टर बाहर से लाने को कहते है। सबसे बड़ी बात तो यह है की अस्पताल में आक्सीजन के पार्यप्त साधन है लेकिन आक्सीजन चालू और बंद करने का काम डाक्टर नहीं करते बल्कि तीमारदार करते है। ऑक्सीजन कितनी मात्रा में खोलना है या कब बंद करना है यह तो डाक्टर को पता होता हैया नर्स को।
लेकिन डाक्टर या नर्स के ना सुनने पर तीमारदार खुद ही ऑक्सीजन चालू कर रहे है जिससे मरीज की जान को खतरा पैदा हो सकता है। तीमारदार इसके पीछे तर्क दे रहे है की डाक्टर या नर्स को बुलाने के बाद भी नहीं आते है इसलिए मजबूरी में खुद ही करना पड़ता है। जिला अस्पताल में मरीजों को कितनी सुविधा मिलती है इसकी जानकारी करने जब मुख्य चिकित्षाका अधीक्षक के पास पहुंचे तो उनके कमरे में ताला बंद मिला।
देखिए VIDEO...












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