Ghazipur Ganga Case: अखिलेश ने UP सरकार पर लगाया 'पीड़ित परिवार का बयान बदलाने' का आरोप, हाथरस केस से की तुलना

Ghazipur Ganga Case Akhilesh Yadav Comment: गाजीपुर में गंगा नदी में 15 वर्षीय किशोरी का शव मिलने के मामले में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार (26 अप्रैल) योगी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पर बयान बदलने का दबाव डाला जा रहा है और इस घटना को हाथरस कांड की पुनरावृत्ति बताया।

अखिलेश यादव ने X (पूर्व ट्विटर) पर पीड़िता के पिता का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि बयान बदलने से सच नहीं बदल जाता। उत्तर प्रदेश ने कभी इतना कमजोर मुख्यमंत्री नहीं देखा, जिनके राज में गरीब और बेबस पीड़ितों पर अपने बयान बदलने का दबाव डाला जाता है।

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उन्होंने दावा किया कि जब SP का प्रतिनिधिमंडल परिवार से मिलने गया था, तो उन पर पत्थर फेंके गए। एक पुलिस अधिकारी भी घायल हुआ। अखिलेश ने सवालों की झड़ी लगा दी कि FIR में देरी क्यों? बयान क्यों बदले गए? पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भरोसा क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि सच सबको पता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट चाहे कुछ भी कहे, जमीनी हकीकत गांव में हर किसी को मालूम है।

Ghazipur Case Hathras Comparison: अखिलेश ने की हाथरस से तुलना

SP प्रमुख ने मामले की तुलना 2020 के हाथरस गैंगरेप-हत्या कांड से की। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में हाशिए पर पड़े परिवारों के साथ अन्याय हुआ और 'दबंग तत्व' आरोपी थे। अखिलेश ने पूछा कि क्या दिखावटी कार्रवाई से पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा?

पीड़िता के पिता का बयान: राजनीति से दूर रहना चाहते हैं

25 अप्रैल को लड़की के पिता ने पत्रकारों से साफ कहा था कि वे राजनीतिक फायदे के लिए किसी नेता के घर आने नहीं चाहते। उन्होंने कहा, मैं अपनी बेटी की मौत से बहुत दुखी हूं। पुलिस ने मेरी शिकायत पर कार्रवाई की, मुख्य आरोपी गिरफ्तार है। मैं नहीं चाहता कि कोई नेता राजनीतिक अवसरवादिता के लिए आए।

BJP का पलटवार

भाजपा ने अखिलेश यादव की टिप्पणियों को 'विभाजनकारी राजनीति' करार दिया। BJP नेता नवीन श्रीवास्तव ने X पर लिखा, आपको प्रशासन पर भरोसा नहीं, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भरोसा नहीं, पीड़ित के पिता पर भी भरोसा नहीं। आप सिर्फ बांटने वाली राजनीति में विश्वास रखते हैं।

पुलिस क्या कहती है?

वाराणसी जोन के ADGP पीयूष मोर्डिया ने बताया कि किशोरी 14 अप्रैल की रात लापता हुई थी। अगली सुबह करंडा थाना क्षेत्र में गंगा नदी के पुल के नीचे (घर से करीब 3 किमी दूर) उसका शव मिला। परिवार की शिकायत पर FIR दर्ज की गई और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात की। पीड़िता के पिता ने आरोपियों को सख्त सजा और मामले की जल्द सुनवाई की मांग की। ADGP ने यह भी बताया कि कुछ "बाहरी लोग" गांव में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे।

गाजीपुर कांड अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। अखिलेश यादव इसे हाथरस जैसा बताकर सामाजिक न्याय का मुद्दा बना रहे हैं, जबकि BJP इसे विपक्ष की सस्ती राजनीति बता रही है। पीड़ित परिवार हालांकि शांति चाहता है और जल्द न्याय की उम्मीद कर रहा है। मामले की जांच जारी है और मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में है।

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