Ghaziabad फेक अफसरों की 'फैक्ट्री'! अरेस्ट फर्जी आर्कटिक एंबेसी चलाने वाला कौन? PM मोदी की तस्वीर का गलत यूज
Ghaziabad Fake Embassy: गाजियाबाद में फर्जीवाड़े का नया खेल उजागर हुआ है, जहां एक व्यक्ति ने किराए के मकान में 'माइक्रोनेशन' जैसे काल्पनिक देशों का फर्जी दूतावास चलाकर लोगों को ठगा।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की नोएडा यूनिट ने कविनगर इलाके में छापा मारकर 50 साल से अधिक उम्र के हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया। वह 'West Arctica, Seborga, Lodonia' जैसे स्वघोषित देशों का कांसुलर/एम्बेसडर (राजदूत) बनकर रौब जमाता था।

फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट और PM मोदी संग एडिटेड तस्वीरें
23 जुलाई 2025 को STF ने खुलासा किया कि जैन फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करता था। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरों को एडिट कर लोगों को प्रभावित करता था। जैन ने फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाकर अवैध धन हस्तांतरण भी किया। विदेशों में नौकरियों का झांसा देकर उसने कई लोगों को ठगा। STF के अनुसार, जैन का चंद्रास्वामी और हथियार डीलर अदनान खशोगी जैसे विवादास्पद लोगों से भी पुराना कनेक्शन रहा है। 2011 में उसे अवैध सैटेलाइट फोन के साथ पकड़ा गया था।
गाजियाबाद: फर्जी अफसरों का गढ़
गाजियाबाद में यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के महीनों में कई फर्जी अफसर पकड़े गए हैं:-
- 13 मार्च 2025: 66 वर्षीय केएस राणा को 'ओमान का उच्चायुक्त' बनकर पुलिस से वीआईपी प्रोटोकॉल मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। राणा ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए दिल्ली, मथुरा और फरीदाबाद में भी धोखाधड़ी की थी। वह एक एनजीओ में ट्रेड कमिश्नर के रूप में काम करता था और आगरा में कॉलेज व राजस्थान में रिसॉर्ट का मालिक है।
- 7 अप्रैल 2025: आशीष शर्मा को गाजियाबाद साइबर सेल ने फर्जी RTO अधिकारी बनकर वाहन चालान रद्द करने के नाम पर ₹12,500 वसूलने के लिए पकड़ा।
- 21-22 नवंबर 2024: अनिल कटियाल और विनोद कपूर को फर्जी IPS अधिकारी बनकर DCP/PRO को धमकी देने और मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दोनों पर धोखाधड़ी, उगाही और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं (BNS §§ 308, 221, 204, 318) के तहत मामला दर्ज हुआ।
क्या कहती है पुलिस?
सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया, 'राणा जैसे लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए वीआईपी प्रोटोकॉल हासिल करने की कोशिश करते हैं। हमने पूछताछ में पाया कि वह राजनयिक नहीं था।' DCP निमिष पाटिल ने कहा, 'हमने सभी आरोपियों के फर्जी दस्तावेज जब्त किए और मामले की गहन जांच जारी है।'
गाजियाबाद क्यों बन रहा हब?
पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद की लोकेशन और दिल्ली-NCR से नजदीकी इसे फर्जीवाड़े के लिए मुफीद बनाती है। STF और पुलिस अब ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने के लिए सघन अभियान चला रही है।
What Is Micronation: माइक्रोनेशन क्या होता है?
माइक्रोनेशन एक छोटा, स्वघोषित निकाय है, जो स्वतंत्र देश होने का दावा करता है। लेकिन किसी भी आधिकारिक सरकार या अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा उसे इस रूप में मान्यता नहीं दी जाती है।
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