Ghaziabad Drug Trafficking: प्रतिबंधित कफ सिरप की 15.7 लाख शीशियां जब्त, 8 गिरफ्तार
Ghaziabad Drug Trafficking: उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई में गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-मेरठ रोड पर एक गोदाम से 15.7 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित कफ सिरप की शीशियां जब्त कीं। बुधवार (5 नवंबर 2025) को खुलासा हुआ कि चार ट्रकों में छिपाकर रखी गई यह खेप चूना पत्थर की आड़ में इंदौर से गुवाहाटी भेजी जा रही थी, लेकिन असल मकसद बांग्लादेश में तस्करी था।
इस अंतरराज्यीय रैकेट में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दवा व्यापारियों के संगठन का कैशियर भी शामिल है। जब्त माल का बाजार मूल्य करीब 3.4 करोड़ रुपये है। सोनभद्र पुलिस की टिप पर नंदग्राम थाने और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने 'मछली गोदाम' पर छापा मारा।

छापेमारी का मंजर: ट्रकों में छिपा नशीला कफ सिरप, NDPS एक्ट के तहत केस
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) केशव कुमार चौधरी ने बताया, 'घूकना मोड़ के पास बैरली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम में रातों-रात छापा मारा। चार ट्रकों से 1,150 कार्टन (15,73,500 शीशियां) बरामद हुईं-850 कार्टन एस्कुफ, 300 फेंसेडिल और बाकी टेपेंटाडोल। ये कोडीन-बेस्ड सिरप नशे के लिए इस्तेमाल होते हैं, जो NDPS एक्ट के तहत बैन हैं।' खेप चूना पत्थर की बोरियों के नीचे छिपाई गई थी। ट्रक ड्राइवरों ने इंदौर से 'चूना पत्थर' लोडिंग का बहाना बनाया, लेकिन असल में यह पूर्वोत्तर राज्यों होते हुए बांग्लादेश के लिए थी।
सोनभद्र पुलिस ने हाल ही में इसी रूट से एक खेप पकड़ी थी, जिसकी टिप पर गाजियाबाद टीम अलर्ट हुई। चौधरी ने कहा, 'हिमाचल प्रदेश के बद्दी में एबॉट फार्मा ने दिसंबर 2024 में फेंसेडिल का प्रोडक्शन बंद कर दिया, फिर भी अवैध उत्पादन जारी।' जब्ती में 20 लाख नकद, हुंडई क्रेटा कार, 2 लैपटॉप, 7 रबर स्टैंप, 10 फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज भी मिले।
गिरफ्तार आरोपी: दवा एसोसिएशन का कैशियर मास्टरमाइंड, NCR से बांग्लादेश तक सप्लाई
पकड़े गए 8 आरोपी: सौरभ त्यागी (37, कैशियर, गाजियाबाद केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन), शादाब (29), शिवकांत (32), संतोष भड़ाना (32, ट्रांसपोर्टर), अंबुज (26), धर्मेंद्र (49), दीपू यादव (24) और सुशील यादव (35)। पूछताछ में त्यागी और भड़ाना मुख्य संचालक निकले-त्यागी ने दवा कंपनियों के कनेक्शन से सप्लाई की, जबकि भड़ाना गोदाम मुहैया कराता था। चौधरी ने बताया, 'ये NCR, यूपी-बिहार, पूर्वोत्तर और बांग्लादेश तक नेटवर्क फैलाते थे। त्यागी का मेडिकल स्टोर कवर था।'
पुलिस ने NDPS एक्ट, IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (षड्यंत्र) के तहत केस दर्ज किया। आरोपी रिमांड पर हैं-और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नशीले सिरप का खतरा: युवाओं में बढ़ता नशा, सरकार का सख्त रुख
ये कोडीन-बेस्ड सिरप मूल रूप से खांसी के लिए थे, लेकिन अब नशे के रूप में युवाओं में पॉपुलर। केंद्र सरकार ने 2023 में इनकी बिक्री बैन की, लेकिन अवैध उत्पादन जारी। गाजियाबाद जैसे शहरों में दवा दुकानों से लीक होता है। चौधरी ने चेतावनी दी, 'यह नेटवर्क युवाओं को बर्बाद कर रहा। हम अंतरराज्यीय जांच बढ़ाएंगे।' हाल के महीनों में यूपी में कई ऐसी जब्तियां हुईं-सोनभद्र (अक्टूबर 2025, 1.19 लाख बोतलें, ₹3 करोड़), रांची (नवंबर 2025, 13,400 बोतलें, ₹30 लाख)।
यह कार्रवाई ड्रग तस्करी पर पुलिस की सतर्कता दिखाती है। जनता से अपील: संदिग्ध खेप की सूचना दें। ईश्वर युवाओं को नशे से बचाए! अपडेट्स के लिए फॉलो करें।
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