दो बोरी सीमेंट की परमिट के लिए डीएम से हुई थी कहासुनी 35 साल बाद जाना पड़ा जेल

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

जौनपुर। BHU के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और समाजवादी चिंतक चंचल सिंह को बुधवार को 35 वर्ष पूर्व के एक पुराने मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश किया तो कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार कर उन्हें जेल भेज दिया। दरसअल चंचल सिंह पर आरोप था कि 1982 में उन्होंने सरकारी कार्य मे बाधा पहुँचाई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी बदलापुर टीडी गौड़ से उनका विवाद हो गया जिसके बाद डीएम ने खुद धारा 353 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। ये मामला 2 मार्च 1982 का है जब अतिरिक्त जिलाधिकारी टीडी गौड़ बदलापुर जे महराजगंज में खण्ड विकास अधिकारी के ऑफिस में निरीक्षण पर पहुँचे थे वही चंचल और टीडी गौड़ में सीमेंट की परमिट को लेकर कहासूनी हो गयी थी। तबके दाखिल रिपोर्ट के मुताबिक चंचल ने आफिस में घुस के डीएम के अपने को स्टूडेंट यूनियन का ऑल इंडिया प्रेसीडेंट बताया था जिस पर डीएम ने खुद आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने लगा दिया था उसी वक्त चार्जशीट

दरसअल बात उस वक्त ही है जब सीमेंट खरीदने के लिए परमिट की आवश्यकता पड़ती थी और डीएम ही परमिट दिया करते थे। एक दिन चंचल सिंह अपने गृह जनपद बदलापुर के महराजगंज ब्लाक मुख्यालय पर बैठे थे तभी उनके मित्र भरत यादव पहुँचे और दो बोरी सीमेंट के लिए परमिट की बात बताई। चंचल उनके साथ सीमेंट की परमिट दिलाने पहुँचे तो मौके का मुआयना कर रहे टीडी गौड़ और चंचल के बीच जमकर विवाद हुआ और मुकदमा भी दर्ज किया गया पुलिस ने अपनी विवेचना कर इस मामले 13 अप्रैल 1982 को चार्जशीट दाखिल कर दिया तो वही 5 जून 1982 को कोर्ट न पहुँचने पर बेल बांड कैंसिल हो गया पुलिस का आरोप है कि चंचल तब से अनुपस्थित चल रहे थे। वही गिरफ्तारी के बाद चंचल के वकील दुष्यंत सिंह ने वारंट को कैंसिल करने के लिए कोर्ट से अपील की जिसे ठुकराते हुए अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम अमर सिंह ने उन्हें सजा सुनाई और जेल भेज दिया।

कभी जार्ज फर्नाडीस के थे निजी सचिव

इस गिरफ्तारी को चंचल और उनके जानने वाले राजनीत से प्रेरित बताते है। कभी चंचल सिंह तत्कालीन रेल मंत्री जार्ज फर्नाडीस के निजी सचिव हुआ करते थे लेकिन अब वो कांग्रेस के साथ हो लिए थे जिसके बाद से चंचल स्वतन्त्र पत्रकारिता किया करते थे। जेल जाने से पहले मीडिया से बात करते हुए चंचल ने खुद अपनी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया और हाल ही में BHU में छात्राओ से छेड़खानी पर उनकी सक्रियता से पुलिस और प्रशासन का ख़ौफ़ भी कहा। चंचल ने कहा कि विवाद के बाद हम लोगो मे समझौता हो गया था जिसके बाद ये मान लिया गया कि मुकदमा खत्म हो गया है और फिर इतने सालों तक कभी कोई इस सम्बंध में जानकारी भी नही मिली थी अचानक से पुलिस गिरफ्तार कर मुझे माननीय न्यायालय में पेश कर दी ये राजनीत का ही हिस्सा है

पद्मश्री साहित्यकार मनु शर्मा का निधन, पीएम के नौ रत्नों में थे शामिल, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
former BHU student union president Chanchal singh jail in 35 year old case
Please Wait while comments are loading...