कौन था कुख्यात गैंगस्टर नरेश पंडित? जिसने ASP अनुज चौधरी पर चलाई गोली, पुलिस एनकाउंटर में ढेर
Firozabad Encounter Anuj Chaudhary: फ़िरोज़ाबाद में शुक्रवार रात एक नाटकीय घटनाक्रम में ₹2 करोड़ की लूट का कुख्यात आरोपी नरेश पंडित पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह एनकाउंटर रात करीब 8 बजे मक्खनपुर क्षेत्र में हुआ, जब नरेश पुलिस हिरासत से फरार होने के कुछ ही घंटों बाद घेर लिया गया।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी की गोली से ASP (ग्रामीण) अनुज चौधरी बाल-बाल बचे - उनकी जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई, जबकि थाना रामगढ़ प्रभारी संजीव दुबे घायल हो गए। ₹50,000 के इनामी नरेश पर करीब 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया। इस मुठभेड़ के साथ क्षेत्र के एक दुर्दांत अपराधी का अंत हो गया।

पुलिस टीम पर की फायरिंग
देर रात करीब 8 बजे पुलिस टीम ने फरार बदमाश नरेश को घेर लिया। खुद को बचाने के लिए नरेश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान, एक गोली एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट में धंस गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। वहीं, थाना रामगढ़ प्रभारी संजीव दुबे गोली लगने से घायल हो गए। करीब 20 मिनट चली जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने बदमाश नरेश के सीने में गोली मारी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल इंस्पेक्टर संजीव दुबे का इलाज चल रहा है।
मुठभेड़ में एएसपी अनुज चौधरी के साथ शिकोहाबाद, मक्खनपुर और रामगढ़ थाने की पुलिस, सीओ प्रवीण तिवारी और एसओजी की टीम शामिल थी।
हिरासत से कैसे हुआ फरार?
अलीगढ़ के अरनी का रहने वाला नरेश, 30 सितंबर को कानपुर से आगरा जा रही जीके कंपनी की कैश वैन से 2 करोड़ रुपये की लूट का मुख्य आरोपी था। शनिवार रात पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए नरेश सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
रविवार दोपहर रामगढ़ थाने के इंस्पेक्टर चमन शर्मा तीन सिपाहियों के साथ आरोपी नरेश को माल बरामदगी के लिए ले जा रहे थे। थाना मक्खनपुर क्षेत्र के खेड़ा गणेशपुर के पास नरेश ने पेट दर्द का बहाना बनाया और पुलिस को चकमा देकर बाजरे के खेत के रास्ते फरार हो गया।
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नरेश पर 9 गंभीर मुकदमे दर्ज थे
नरेश दुर्दांत अपराधी था, जिस पर लूट और डकैती समेत 9 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी सौरभ दीक्षित और डीआईजी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा था, और फरार होने के बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने नरेश की बताई जगह से 30 लाख रुपये और बरामद किए थे, जो उसने कार के एक सीक्रेट कंपार्टमेंट से निकालकर कहीं छिपा रखे थे।
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