गायत्री प्रजापति मामला: महिला DSP पर किडनैपिंग का आरोप, FIR दर्ज
पीड़िता की मानें तो 31 मार्च को उसकी बेटी सुबह 9 बजे घर से मार्केट निकली जो दिन भर घर नहीं लौटी। उसने ढूंढ़ने का बहुत प्रयास किया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
अमेठी। यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर रेप की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने इस मामले की विवेचक व लखनऊ में डिप्टी एसपी अमिता सिंह सहित 3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है की डिप्टी एसपी के साथ अज्ञात व्यक्ति जो आरोपी मंत्री के गुर्गे हैं उन्होंने बेटी को किडनैप कर लखनऊ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) कोर्ट में जबरन बयान दिलवाया है।

मामला चित्रकूट जिले के कर्वी कोतवाली का है। यहां यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है की डिप्टी एसपी के निर्देश पर घर में घुसकर मंत्री के गुर्गों ने बेटी को किडनैप किया और लखनऊ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) कोर्ट में जबरन बयान दिलवाया है। इस मामले में महिला की तहरीर पर मामला दर्ज हुआ है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कब और कैसे हुई किडनैपिंग?
अखिलेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके सहयोगियों के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़ित महिला ने बताया की उसकी बेटी दिल्ली के एम्स में हॉस्पिट्लाइज थी। 16 मार्च को दिल्ली एम्स से डिसचार्ज हुई और 25 मार्च को चित्रकूट स्थित अपने घर पहुंची। पीड़ित महिला ने बताया की 29 को डिप्टी एसपी अमीता सिंह ने बयान दर्ज कराने के लिए उसे नोटिस भेजा और फिर 30 मार्च को डिप्टी एसपी स्वयं चित्रकूट पहुंची। पीड़िता की मानें तो 31 मार्च को उसकी बेटी सुबह 9 बजे घर से मार्केट निकली जो दिन भर घर नहीं लौटी। उसने ढूंढ़ने का बहुत प्रयास किया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा तब उसी दिन देर रात 8:30 बजे बेटी घर लौटी। दिमागी रूप से डिस्टर्ब होने की वजह से पीड़िता ने बेटी से कुछ पूछना मुनासिब नहीं समझा।

इस तरह प्रकाश में आया मामला
उधर बेटी का बयान दर्ज कराने के बारे में आए नोटिस के संदर्भ में पीड़िता ने बताया की 4 अप्रैल को उसने डिप्टी एसपी को फोन कर बयान दर्ज कराने के लिए कहा तो डिप्टी एसपी ने जानकारी दी की उसकी बेटी का बयान तो दर्ज हो गया। जिस पर उसने बेटी से बातचीत किया तो 31 मार्च को बेटी के घंटों लापता रहने की बात प्रकाश में आई। इसके आधार पर गुरुवार 6 अप्रैल को पीड़ित ने कर्वी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया।
क्या कहना है पुलिस का?
कर्वी एसओ सतपाल सिंह का कहना है की पीड़िता की तहरीर पर डिप्टी एसपी अमिता सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर किया गया है। साथ ही 3 अज्ञात के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई। पीड़िता ने इन अज्ञात को पूर्व मंत्री का गुर्गा बताया है। एसओ ने बताया की सभी के खिलाफ धारा 363, 506 और 218 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुए थे गायत्री अरेस्ट
बता दें की गायत्री प्रजापति और उनके 6 अन्य साथियों पर एक महिला से सामूहिक रेप और उसकी बेटी से छेड़खानी करने का आरोप लगा था। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को उनपर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। वहीं 15 मार्च को गायत्री की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
धोखाधड़ी का भी लगा है आरोप
रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति के खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया था। मेरठ के परतापुर निवासी राकेश प्रजापति ने गौतमपल्ली थाने में तहरीर दी थी की उन्होंने 2015 में तत्कालीन परिवहन मंत्री गायत्री को अपने एक रिश्तेदार को नौकरी दिलाने के लिए 6 लाख रुपए दिए थे। वहीं काम नहीं होने पर जब उसने रुपए वापस मांगे तो गायत्री ने उन्हें धक्के मारते हुए उनकी बेइज्जत की और बाहर निकलवा दिया था।












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