बच्चे को अपहर्ता के चंगुल से छुड़ाने में मददगार की पुलिस ने तोड़ी उंगलियां!
कानपुर। यूपी पुलिस का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसे देखकर कोई भी डर जाएगा। ई रिक्शा चालक की सूझबूझ से पुलिस ने पांच घंटे में अपहरण हुए बच्चे को बरामद कर अपनी पीठ थपथपाने का काम किया। वहीं उसी ई रिक्शा चालक को पुलिस ने यातनाएं दीं और उसकी उंगलियां तोड़ दीं।

ई रिक्शा चालक को रोककर किया था अपहरण
सोलह अप्रैल की सुबह साढ़े आठ बजे रोज की तरह स्कूली बच्चों को लेकर अशोक ई रिक्शे से स्कूल छोड़ने जा रहा था तभी रास्ते में दो पल्सर बाइक सवार बदमाशों ने तमंचा लगाकर नौ वर्षीय नंदू का अपहरण कर लिया था, जिसके बाद अशोक को कुछ नहीं सूझा तो उसने नजीराबाद थाने जाकर पुलिस को पूरी घटना से वाकिफ कराया। अशोक की बातों को सुन पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में जानकारी को आगे बढ़ाया तो मालूम हुआ कि जिस बच्चे का अपहरण हुआ था वो हॉस्टल संचालक मंजीत शुक्ला का एकलौता बेटा है।

अशोक ने पुलिस की मदद की
वहीं खबर मिलते ही कोहराम मच गया। देखते ही देखते मंजीत समेत पूरा परिवार थाने पहुंच गया और सैकड़ों लोगों की भीड़ मंजीत के समर्थन में इकट्ठा होना शुरू हो गयी। उधर बढ़ती भीड़ और अपहरण की घटना से घबराई पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी कर दी और ई रिक्शा चालक की निशानदेही पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो अपहरणकर्ता की पहचान नौकर के रूप में हुयी।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने दी यातनाएं
उस बीच पुलिस ने पूछताछ के दौरान अशोक को यातनाएं दीं। पुलिस ने अशोक के बाएं हाथ की चारों उंगलियां तोड़ दीं। पैरों और हाथों पर इतनी लाठियां चटकाई हैं कि काले निशान चीख-चीख कर यातना की गवाही दे रहे हैं। इतना ही नहीं, अशोक के अनुसार पुलिस ने उसकी आंख भी फोड़ने की कोशिश की। हलांकि बच्चे की बरामदगी के बाद मंजीत व उसके परिवार के कहने पर अशोक को पुलिस ने छोड़ दिया था लेकिन अशोक के जख्म पुलिस के बर्बर चेहरे को उजागर कर दिया है।












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