जिला टॉपर का कारनामा, एक समय पर यूपी बोर्ड के साथ सीबीएसई बोर्ड से भी दे दी परीक्षा
फर्रुखाबाद। प्रदेश में शिक्षा माफियाओं का दबदबा कायम है। बच्चों को नकल करा उन्हें पास कराना इनका लक्ष्य रहता है। आप को बिहार प्रदेश की टॉपर का मामला संज्ञान में होगा। फर्रुखाबाद में जिला भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। यहां जिस छात्रा ने इलाहाबाद बोर्ड में इंटर में टॉप किया है। उसने एक नहीं बल्कि दो बोर्ड से एग्जाम दिया है। इस टॉपर छात्रा ने सीबीएसई बोर्ड से भी परीक्षा दी है। एक ही सत्र में दो बोर्ड से परीक्षा देना खुले आम सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सख्त परीक्षा व्यवस्था को धता बताती है। बता दें कि जिस छात्रा ने दो बोर्ड से एग्जाम दिया है वह अपने जिले की यूपी बोर्ड की टॉपर है और अब सीबीएसई के रिजल्ट का इंतजार कर रही है।

सवालों के घेरे में आई शिक्षा प्रणाली
मामला फर्रुखाबाद का है जहां इस वक्त राज्य की शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में हैं। यहां की यूपी बोर्ड के छात्रा ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप किया है। उसे 89.8 फीसद अंक मिले हैं, जबकि सीबीएसई के रिजल्ट का इंतजार है। एक ही वर्ष में छात्रा का दो बोर्ड में परीक्षा देना और दोनों स्कूलों में लगातार उपस्थिति आश्चर्य का विषय बन गया है। बहोरिकपुर में श्रीगजेंद्र सिंह मीरा देवी बालिका इंटर कालेज के प्रबंधक गजेंद्र सिंह की पुत्री इसी कालेज से यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षार्थी थी। छात्र ने 449 अंक पाए तो पूरे जिले में नाम रोशन कर दिया। परिवार से लेकर अध्यापकों ने भी वाहवाही लूटी। बाद में पता चला कि वह शहर के ही एक कान्वेंट स्कूल की भी कई वर्षों से छात्रा है और उसने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल में बनाए गए सेंटर पर दी है।

एक ही समय पर कैसे संभव है दो बोर्ड की परीक्षा देना
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षार्थी के रूप में उसका अनुक्रमांक 5650854 है, जबकि यूपी बोर्ड में 1252975 है। सीबीएसई में इंग्लिश की परीक्षा पांच मार्च को सुबह 10.30 बजे से शुरू हुई। इसके अलावा फिजिक्स की परीक्षा सात मार्च को सुबह 10.30 बजे से थी। तीन घंटे की परीक्षा दोपहर 1.30 बजे खत्म हुई। उधर, यूपी बोर्ड की जीव विज्ञान की परीक्षा दोपहर दो बजे से थी। सात मार्च को जीव विज्ञान द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा दोपहर दो बजे थी। फर्रूखाबाद शहर में आर्मी पब्लिक स्कूल (कैंट) से यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र बहोरिकपुर के बीच की दूरी 40 किलोमीटर है। ऐसे में दोनों केंद्रों की दूरी को सिर्फ आधे घंटे में कैसे नापा जा सकता है।

पिता हैं कॉलेज प्रबंधक, नहीं दिया कोई जवाब
इस सवाल पर छात्रा के कालेज प्रबंधक पिता गजेंद्र सिंह चुप्पी साध गए। उप जिला विद्यालय निरीक्षक वित्त लेखाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा न बताया कि जिला टॉप करने वाली लड़की दो जगह परीक्षा देने का मामला संज्ञान में आया है कोई भी छात्र या छात्रा दो बोर्ड से परीक्षा नही दे सकती है। जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।












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