महिलाओं में भाजपा नहीं बल्कि मायावती हैं ज्यादा लोकप्रिय
चुनाव आयोग के आंकड़े दिखाते हैं कि मायावती की पार्टी को भाजपा की तुलना में अधिक महिला वोट मिला।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम आने के बाद जहां भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला तो दूसरी तरफ मायावती की बसपा सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई, लेकिन इन सबके बीच जो एक अहम आंकड़ा निकलकर सामने आया है कि वह बसपा के लिए सुकून की राहत दे सकता है। मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा की तुलना में महिला मतदाताओं का रुझान बसपा की ओर अधिक है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों ने किया खुलासा
जिन सीटों पर महिला मतदाता पुरुषों की तुलना में 80 फीसदी से कम थी वहां एनडीए गठबंधन को 45.5 फीसदी वोट हासिल हुआ है जबकि बसपा को 18.5 फीसदी वोट हासिल हुआ है। जिन जगहों पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने अधिक वोट किया वहां बसपा को 24.2 फीसदी वोट हासिल हुए, जबकि भाजपा व उसके सहयोगियों को 37 फीसदी वोट हासिल हुए। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार 403 में से 389 सीटों के आंकड़े सामने आ चुके हैं जहां महिला और पुरुषों के मत प्रतिशत जारी किए गए हैं। वहीं अभी 14 सीटों के आंकड़े आना बाकी हैं।

24 फीसदी वोट बसपा को .
आयोग के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 55 विधानसभा सीटें ऐसी थी जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों मतदाताओं की संख्या से 80 फीसदी कम थी जिन्होंने अपना मतदान किया। इन जगहों पर भाजपा व सहयोगी दलों ने 45.5 फीसदी वोट हासिल किए और 45 सीटों पर जीत हासिल की, वहीं इन जगहों पर बसपा को 18.5 फीसदी वोट हासिल हुए।
169 सीटों पर जहां महिला मतदाताओं की संख्या 80 या 90 फीसदी थी वहां भाजपा व सहयोगी दलों को 42.2 फीसदी वोट मिले जबकि सपा को 21.5 फसीदी वोट हासिल हुए। 87 सीटों पर जहां महिला मतदाता 90 से 100 फीसदी थी वहां भाजपा व सहयोगी दलों को 40.5 फीसदी वोट हासिल हुआ जबकि बसपा को कुल 24 फीसदी वोट हासिल हुआ।

कई जगहों पर मायावती को हुआ फायदा
इसके अलावा 78 सीटें जहां महिला मतदाता पुरुष मतदाताओं की संख्या में अधिक थी वहां भाजपा व सहयोगी दलों को एक तिहाई मत से अपने सीटें गंवानी पड़ी हैं, यहां इनका वोट प्रतिशत 37 फीसदी है, जोकि कुल मत प्रतिशत से कम है। यहां बसपा ने 8 सीटें जीती और उसे 24.2 फीसदी वोट हासिल हुआ।

मायावती की महिलाओं में लोकप्रियता की वजह
महिला वोटरों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बसपा का वोट प्रतिशत भाजपा व सहयोगी दलों से अधिक है। इन आंकड़ों से साफ होता है कि बसपा के समर्थन में महिला मतादाता अधिक हैं, हालांकि इन आंकड़ों के आधार पर इस वजह को साफ नहीं किया जा सकता है। इसकी एक बड़ी वजह यह हो सकती है कि बसपा की कमान एक महिला नेता के हाथ में है, जबकि दूसरी वजह हो सकती है कि मायावती प्रदेश में काफी सख्त कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती हैं और वह गुंडागर्दी पर लगाम लगाने में काफी हद तक सफल होती हैं।












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