वन्यजीवों के फर्जी Video न करें वायरल, हो सकता है मुकदमा, DFO ने दिए निर्देश, जानें क्यों लिया गया ऐसा फैसला

Uttar Pradesh Meerut News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पिछले दो महीने से ग्रामीणों पर आदमखोर भेड़िये का हमला हो रहा है। भेड़िये ने अब तक 10 मासूम बच्चों को मार डाला है। इसके अलावा कई अन्य जिलों से भी जंगली जानवरों के हमले की खबरें आई हैं।

आलम यह है कि वन्यजीवों के हमले से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण काफी डरे सहमे नजर आ रहे हैं। दिन तो गुजर जा रहा है लेकिन रात में लोग लाठी डंडे और हाथ में टॉर्च लेकर जागते हुए वन्य जीवों से अपने परिवार की रक्षा कर रहे हैं।

DFO issued instructions

इस बीच अफवाह फैलाने वाले लोग भी काफी सक्रिय हो गए हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर दूसरे स्थान का वीडियो शेयर करते हुए शरारती तत्वों द्वारा उसे अपने ही जनपद के किसी खास मोहल्ले का बता दिया जा रहा है।

फर्जी वीडियो वायरल होने के चलते अधिकारियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय से अधिकारी मदद करने नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में अब फर्जी वीडियो वायरल करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

इस मामले को लेकर मेरठ जनपद से कार्रवाई की बात कही गई है। मेरठ के डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि फर्जी वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ उनके द्वारा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और किसी को बक्सा नहीं जाएगा।

यदि वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है और कोई ठोस सबूत नहीं है तो किसी दूसरे स्थान का वीडियो वायरल करके माहौल खराब करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मेरठ जनपद में बीते दिनों कई वीडियो वायरल हुए, जिससे काफी परेशानी हुई।

कार चालक देख कर गुर्रा रहा था तेंदुआ
बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो मेरठ जनपद का बताया जा रहा था। वीडियो में दिखाई दे रहा था कि एक तेंदुआ खेत से निकलकर सड़क पर आ गया। इस दौरान एक कार चालक कर लेकर जा रहा था।

इस दौरान तेंदुआ कार चालक को देखकर गुर्राता नजर आ रहा था। वायरल वीडियो मेरठ का बताया गया था इसके अलावा इस वीडियो को हस्तिनापुर रेंज और फिर सरधना इलाके का बताते हुए वायरल किया गया। वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया।

अधिकारियों द्वारा मामले की जांच पड़ताल की गई तो पता चला की वीडियो मेरठ का नहीं बल्कि किसी दूसरे जिले का है। इस फर्जी मामले को लेकर अधिकारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। गांव में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

एक बार फिर इस तरीके से शरारती तत्वों द्वारा फर्जी वीडियो वायरल कर लोगों में भय पैदा किया जा रहा है। ऐसे में डीएफओ का कहना है कि यदि वीडियो के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है तो उसे वायरल ना करें। फर्जी वीडियो वायरल करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+