'हम स्कूल नहीं जाएंगे, टीचर हमसे अपने बच्चों की टॉयलेट साफ कराती हैं'
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से वार्डन और टीचरों की तानाशाही की खबर आई है। यहां टीचरों और वार्डन के रवैये से तंग आकर दो छात्राओं ने पढ़ाई छोड़ दी है। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक उन्हें पढ़ाने की बजाय उनसे अपने बच्चों की टॉयलेट साफ कराने के अवाला कई अन्य निजी काम करवाती है। ये छात्राएं अब जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही हैं।

मामला देवरिया के रामपुर कारखाना कस्बे का है जहां आवासीय कस्तूरबा गांधी विद्यालय से 2 चचेरी बहनों सलीमुन नसीम और नसीन ने तानाशाह वार्डन और टीचर की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी पढ़ाई छोड़ दी। आरोप है कि उन्हें अब स्कूल से जबरदस्ती निकाल दिया गया है। छात्राओं ने अपने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनो छात्राओं का कहना है कि स्कूल की मैडम हम लोगों को पढ़ने नहीं देती थीं और हमसे अपने बच्चे का टॉयलेट साफ कराती थीं। जब हम लोग पढ़ने जाते थे तो कोई ना कोई काम करवाने के लिए भेज देती थीं। यही नहीं यह बात किसी को न बताने की धमकी भी दी थी जिससे परेशान होकर उन्होंने विद्यालय छोड़ दिया।












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