डिफेंस मिनिस्टर बनकर निर्मला सीतारमण पहली बार पहुंचीं मोदी की काशी और दी शाबाशी
बनारस के स्वतंत्रता भवन में आयोजित रक्षा मंत्रालय के इस कार्यक्रम में वाराणसी छावनी बोर्ड के आलावा दानापुर, लखनऊ, देहरादून, मेरठ, लैंडूर, लैंडडाउन, रानीखेत, बरेली और एक अन्य छावनी को सम्मानित किया गया
वाराणसी। डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतामरण गुरुवार को वाराणसी के बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी पहुंचीं। यहां कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की तो वहीं बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित हुए वाराणसी कैंट समेत 10 छावनी बोर्डों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि कुल 25 कैंटोमेंट बोर्ड है। उसमें 14 पीएम की कसौटी पर खरे उतर चुके हैं और उन्होंने अपने यहां 'खुले में शौच' पर मुक्ति पा ली हैं।

कुछ लोगों का सम्मान शुक्रवार को भी होगा। स्वच्छता और 'खुले में शौच' के अभियान में नन्हें-बच्चों को जोड़ा जाना एक अच्छी पहल हैं। रक्षा मंत्रालय के द्वारा 3 हिस्सों में ये काम होना है। रिसाइकिलिंग के द्वारा कूड़े को काम लायक बनाना एक मुख्य हिस्सा है। 2019 तक जब महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जाएगी, तब तक स्वच्छ भारत अभियान अपना लक्ष्य पूरा करेगा।

इन बोर्ड्स को किया सम्मानित
बनारस के स्वतंत्रता भवन में आयोजित रक्षा मंत्रालय के 'खुले में शौच मुक्त' कार्यक्रम में वाराणसी छावनी बोर्ड के आलावा दानापुर, लखनऊ, देहरादून, मेरठ, लैंडूर, लैंडडाउन, रानीखेत, बरेली और एक अन्य छावनी बोर्ड को सम्मनित किया गया। इस मौके पर इन सभी बोर्ड के आलावा सेना और बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के कई अधिकारी मौजूद रहे।

निर्मला सीतारमण ने कहा की इस योजना के प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती मिलेगी, यही वजह है की प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को इसके लिए चुना गया है। बता दें की डिफेन्स मिनिस्टर को वाराणसी के बाद ग्वालियर जाना है।












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