जेल में चल रहा था सुपारी किलिंग का खेल, पुलिस को नहीं थी भनक
इलाहाबाद। इलाहाबाद में क्राइम ब्रांच इंटेलिजेंस विंग और स्वाट टीम के संयुक्त अभियान में एक ऐसे क्रिमिनल गैंग को दबोचा गया है , जिसके काम करने के तरीके से खुद पुलिस भी हैरान है। 6 लोगों के इस गैंग का महंगी लग्जरी कारों से घूमना, हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल से ये पुलिस को बड़ी आसानी से धोखा दे दिया करते थे। सबसे आश्चर्य की बात यह है की वारदात को अंजाम देने के बाद इस गैंग का शूटर जेल चला जाया करता था। सुपारी मिलते ही शूटर की जमानत होती थी और बाहर आते ही यह गैंग एक बार फिर सक्रिय हो जाती।

जेल में मिलती सुपारी
इस गैंग के शूटर व अन्य सदस्यों का जेल जाना साधारण नहीं था । दरअसल जेल में बड़ी आसानी के साथ ही सौदा तय होता था। इनके लिए सुपारी लेने के लिए जेल से मुफीद दूसरा कोई स्थान नहीं था। यहां पर आसानी से इनके पास सुपारी पहुंच जाती, सौदा तय होने के बाद वारदात को अंजाम दिया जाता था। स्वाट टीम प्रभारी जितेंद्र पाल सिंह ने बताया की गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से फॉर्च्यूनर कार, पल्सर बाइक, अपाची बाइक, बम, तमंचा, कारतू सभी बरामद हुआ है। यह एक युवक की हत्या करने के लिए भदरी इलाके में रेकी कर रहे थे। इसकी भनक जब क्राइम ब्रांच को लगी तो घेराबंदी की गई और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। शुरू में यहां पुलिस टीम पर ही दबाव बनाने लगे और अपनी हड़क चमक से एक बार फिर बचकर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुख्ता जानकारी लेकर पहुंची इंटेलिजेंस ने इन सभी को जेल की सैर करा दी है ।

अपराधियों में कौन है शामिल
मामले की जानकारी देते हुए क्राइम ब्रांच इंटेलिजेंस विंग प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों में हटवा गांव का वसी अख्तर , मोहम्मद हामिद उर्फ साइकिल, चंदा पुर गांव का अबुल हसन, धूमनगंज इलाके का भावेश द्विवेदी, पीपल गांव का बसंत यादव और मुंडेरा इलाके का आजाद यादव शामिल है। दरअसल जिस युवक की हत्या की जानी थी उसने फाफामऊ इलाके में चल रहे एक बड़े जुए के अड्डे के बारे में क्राइम ब्रांच को खबर दी थी। पिछले दिनों आईपीएस विनीत जायसवाल ने छापा मारकर 11 लोगों को गिरफ्तार किया था और मौके से 11 लाख रुपए भी बरामद हुए थे। जुए के अड्डे को चलाने वाला चंदा पुर गांव का अब्दुल रहमान और सरवर आलम ने शांतिपुरम के उस युवक पर मुखबिरी करने का आरोप लगाया और उसकी सुपारी इस गैंग को दे दी।

जेल से वसी की हुई जमानत
2 लाख की सुपारी मिलते ही प्लान के मुताबिक जरूरी था कि वसी को जेल से बाहर निकाला जाए। वसी कि जमानत कराई गई और वह जेल से बाहर आया। जेल से बाहर आते ही प्लान बना और रात में यह भदरी के पास इकट्ठा हुए, लेकिन हत्या करने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस और इनसे जुड़े तमाम मांग लो की तहकीकात कर रही है किन किन घटनाओं को उन्होंने अंजाम दिया। उसकी हिस्ट्री खोली जा रही है पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले ही झलवा इलाके में इन्हीं लोगों ने पल्सर बाइक भी लूटी थी।












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