बिना कांग्रेस मेंबर बने ही पार्टी ने दिया सपा नेता समद अंसारी को टिकट, कुछ अनसुलझे सवाल
वाराणसी उत्तरी सीट पर कांग्रेस कैंडिडेट का नाम सुनकर काशीवासी हैरत में हैं। कांग्रेस ने पार्टी में शामिल किए बिना सपा नेता को टिकट दिया है।
वाराणसी। सपा - कांग्रेस के गठबंधन के बाद पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस गठबंधन अब एक और प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस बार कैन्ट, दक्षिणी के बाद शहर की उत्तरी सीट पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है मगर इस सीट पर घोषित उम्मीदवार का नाम सुन पूरा बनारस आश्चर्य में है। कांग्रेस ने सपा नेता को अपने टिकट पर इस सीट से उम्मीदवार बनाया है जबकि इस नेता के पास कांग्रेस की सदस्यता तक नहीं है।

कौन है समद अंसारी
शहर उत्तरी सीट पर कांग्रेस का टिकट पाये हाजी समद अंसारी ने डेढ़ दशक पहले सपा से ही राजनीति शुरू की। वर्ष 2000 व 2006 में नगर निगम पार्षद का चुनाव जीते। वर्ष 2007 में शहर उत्तरी से ही सपा के टिकट पर जीत हासिल कर विधायक बने। वर्ष 2012 में चुनाव हारे ।

क्या था विवाद
इस बार समाजवादी परिवार में रार से पहले उन्हें इस सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया , लेकिन बाद में इनका टिकट काट कर डॉ ओ.पी.सिंह को दिया गया। अब फाइनल टिकट जारी होने पर बाजी उनके हाथ रही ।
कुछ अनसुलझे सवाल
बिना सदस्यता कैसे होगा नामांकन? जीत के बाद यदि सरकार बनी तो समद कांग्रेसी खेमे में बैठेंगे या सपा खेमे में?
यदि सरकार बनी और किसी मसले पर अनबन हुई तो समद किस खेमे में जायेंगे? बताया जा रहा है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन इस तरह के सवालों के जवाब तलाशने में जुटी हुई है और कोई संवैधानिक रास्ता निकाल लेगी।












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