दीपेंद्र हुड्डा का बीजेपी पर हमला, कहा-लखीमपुर खीरी का विरोध यूपी सरकार को बदल देगा
नई दिल्ली, अक्टूबर 04: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों का आंदोलन उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने की शुरुआत करेगा, जैसा कि एक दशक पहले भट्टा परसौल कांड के बाद हुआ था। इसके अलावा दीपेंद्र हुड्डा ने सोमवार को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया। जिसमें उनके साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई हाथापाई दिखाई गई है। वीडियो के साथ हुड्डा ने लिखा कि, क्या देश में किसानों का दर्द बाँटना जुर्म है? कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ वरिष्ठ नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा को भी लखीमपुर जाते समय सीतापुर में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, मैं भट्टा परसौल आंदोलन का हिस्सा था और पदयात्रा में भी शामिल हुआ था। तत्कालीन बसपा सरकार ने किसानों के स्वाभिमान की पूरी तरह अवहेलना करते हुए उन्हें निशाना बनाया था। आज भी वही स्थिति है, भट्टा परसौल के बाद तब राज्य में सरकार बदली थी, और अब फिर बदलेगी। गौरतलब है कि 2011 में ग्रेटर नोएडा के जाट बहुल गांव भट्टा पारसौल में भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुए किसान आंदोलन के दौरान चार लोगों, दो पुलिसकर्मियों और दो किसानों की मौत हो गई थी। उस दौरान भट्टा पारसौल भूमि अधिग्रहण विरोध का केंद्र था।
दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा, अगर सरकार ने किसानों के लिए अच्छा काम किया होता, तो उन्हें सड़कों पर विरोध प्रदर्शन नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा, किसानों के आंदोलन के नायक किसान हैं। हर किसान इस आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है, लेकिन एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में, हम इसे पूरा समर्थन दे रहे हैं, और हमें ऐसा करने का अधिकार है। दीपेंद्र हुड्डा, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा सहित कांग्रेस के उन चार नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें लखीमपुर खीरी में किसानों से मिलने जाने के दौरान सीतापुर में हिरासत में लिया गया।
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यह पूछने पर कि क्या उनकी पार्टी हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन को चुनाव में टिकट देगी?, हुड्डा ने कहा, 'यह किसानों का मुद्दा है, जो चुनाव से बड़ा है।' कांग्रेस ने प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर हमला तेज करते हुए उसपर अहंकारी होने और किसानों की मांगों पर कम ध्यान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा ने किसानों की मांगों की अनदेखी की है और अहंकार के सिंहासन पर कब्जा कर लिया है, जहां से किसानों की 'पगड़ी' दिखाई नहीं दे रही है।
वहीं दूसरी ओर दीपेंद्र हुड्डा ने उनके साथ यूपी पुलिस द्वारा की गई हाथापाई को लेकर कहा कि, लखीमपुर जाते समय हमारे साथ ये व्यवहार क्यों हुआ..क्यूँ हमें कल रात से हिरासत में रखा है? जबकि हम केवल 4 व्यक्ति पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल होना चाहते थे।क्या देश में किसानों का दर्द बाँटना जुर्म है? काश यह सख्ती उनपर होती जिनकी बेलगाम गाड़ियों ने मानवता का गला घोंट दिया। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दीपेंद्र हु्ड्डा के बचाव में प्रियंका गांधी को आना पड़ा।












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