आधुनिक कोच फैक्ट्री रायबरेली ने तैयार किए 12 स्पेशल रेल कोच, भेजे जाएंगे अफ्रीकी देश मोजांबिक
लखनऊ, 23 सितंबर: उद्घाटन के करीब 8 साल बाद आधुनिक कोच फैक्ट्री (MCF) रायबरेली ने निर्यात की पहली खेप तैयार कर ली है। जिसे अगले महीने दक्षिण पूर्वी अफ्रीकी देश मोजांबिक भेजा जाएगा। जून 2020 में 'मोजांबिक पोर्ट और रेलवे' ने भारतीय रेलवे के RITES (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस लिमिटेड) के साथ इसको लेकर एक समझौता किया था। जिसमें LHB (लिंके हॉफमैन) पर डिजाइन किए गए 60 लोको-हैल्ड शामिल हैं।

एक डिब्बा रेस्टोरेंट जैसा
मामले में एक अधिकारी ने बताया कि मोजांबिक के लिए 90 डिब्बे तैयार करने का ऑर्डर आरेडिका को मिला था। इसमें 60 डिब्बे लोकोहाल्ड और 30 डिब्बे डेमू (डीजल इलेक्ट्रिकल मल्टिपल यूनिट) के बनने हैं। डेमू के लिए तैयार सभी डिब्बे एससी युक्त नहीं होंगे। इसी प्रोजेक्ट के तहत MCF ने 12 डिब्बों की रैक बनाकर तैयार कर ली है। इसमें चार डिब्बे जनरल, एक लगेज वैन, एक पावर कार, एक एसी टू टियर, दो एससी थ्री टियर और दो एसी चेयरकार हैं। इसमें एक डिब्बा एसी कार (रेस्टोरेंट) भी है।

वाराणसी में बन रहा इंजन
वैसे आमतौर पर भारतीय रेल में जो रसोईयान होता है, उसमें सिर्फ खाना बनता है, लेकिन मोजांबिक जाने वाले डिब्बे आधुनिक हैं, जिसमें खाना बनने के साथ ही 30 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ये एक तरह से चलता फिरता रेस्टोरेंट है। वहीं इन डिब्बों के लिए इंजन को वाराणसी स्थित लोकोमोटिव वर्कशाप में तैयार किया जा रहा है।

9 कोच को अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी सर्टिफिकेट
सीएफएम के एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक मंडल के अध्यक्ष मिगुएल जोस माटाबेल के साथ रायबरेसी स्थित फैक्ट्री का दौरा किया। साथ ही कोचों का निरीक्षण भी किया। मामले में रायबरेली एमसीएफ के पीआरओ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ये एमसीएफ की पहली निर्यात खेप होगी, जिसके तहत हम अक्टूबर के अंत तक 12 लोको-हेल्ड कोच भेजेंगे। इनमें 9 कोचों को अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी सर्टिफिकेट का दर्जा दिया गया है।












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