मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व वन्यजीव दिवस की दी बधाई
विश्व वन्य जीव दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके विश्व वन्य जीव दिवस की बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लिखा, 'विश्व वन्य जीव दिवस' की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!
वन्य जीवों के संरक्षण-संवर्धन के प्रति जन-जागरण के विशेष अवसर पर सभी प्रकृति प्रेमियों का अभिनंदन है। आइए, प्रकृति और मानव के परस्पर संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने हेतु आज हम सभी संकल्पित हों।

बता दें कि दुनियाभर में लुप्त हो रहे जंगली जीवों की प्रजातियों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हर वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्य जीव दिवस मनाया जाता है। भारत की बात करें तो यहां भी कई जीव प्रजातियां खतरे में हैं।
कई जंगली जीवों का उनकी खूबसूरती की वजह से शिकार किया जाता है और उनकी सींग, खाल, दांत आदि का इस्तेमाल उत्पादों को बनाने में किया जाता है। शेर, मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों का भी शिकार किया जाता है। उनकी खाल, नाखून, सींग और मांस के लिए इनका शिकार किया जाता है। इससे सौंदर्य उत्पाद, फैशन आदि में किया जाता है।
वन्यजीवों को बचाने के लिए सरकार की ओर से कई तरह की कदम उठाए जाते हैं। एशियाई हाथी पहला ऐसा जानवर था जिसमे 1985 में रेडियो कॉलर लगाया गया था। इसके बाद बाघों पर रेडियो कॉलर का इस्तेमाल किया जाने लगा।
सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में बाघों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से मनुष्य और बाघों के बीच संघर्ष को कम करने के प्रयासों की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि कैसे एआई के माध्यम से लोगों को मोबाइल पर ही बाघों की जानकारी मिल जाती है। गांव और जंगल में कैमरे लगाए गए हैं।
यही नहीं उत्तराखंड में ऐसा ड्रोन विकसित किया गया है जिसकी मदद से केन नदी में घड़ियालों पर नजर रखी जाती है। बेंगलुरू में गरुड़ और बघीरा नाम का ऐप तैयार किया गया है। बघीरा ऐप से जंगल सफारी के दौरान वाहनों की गति और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इसका इस्तेमाल कई अभ्यारण्यों में किया जाता है।












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