योगी आदित्यनाथ बोले- हमारे पास देश के गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर
लखनऊ में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान संस्थान, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं उच् शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम 2024 के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि देश के गौरव को फिर से आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान भारत में हुआ करते थे। मुझे तो बताइए कौन सा ऐसा देश है जो अपने पांच हजार, बारह हजार पूर्व अपने गौरवशाली इतिहास को दुनिया के सामने रख सकता है। 22 जनवरी को पीएम मोदी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसे दुनिया ने देखा। हम आज भी प्राचीन परंपरा के वाहक बने हुए हैं।

वैदिक ग्रंथों के माध्यम से, शास्त्रों, पुराणों के माध्यम से हमारे पास गौरवशाली इतिहास की परंपरा मौजूद है। हमने उस परंपरा को आगे बढ़ाने के कार्यक्रम को रोक दिया। अपना जो था हमने उसे गौरव से देखने की बजाए उसे गलत नजरिए से देखा, जो पराया था उसे अपना बनाना शुरू कर दिया। आज हमारे पास अवसर है कि भारत के गौरव को फिर से आगे बढ़ाया जाए। शिक्षण संस्थान को अपनी इस भूमिका को निभाना होगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमृत महोत्सव के बाद अब देश अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश जब आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा उस समय हमे कैसा भारत चाहिए, इसके लिए हमे संकल्प लेना चाहिए। विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए हर भारतवासी का क्या प्रयास, योगदान होना चाहिए, यह तय होना चाहिए।
पहले लोग यह नहीं समझ पा रहे थे कि देश जा कहां रहा है, सीमा असुरक्षित थीं, जिसका मन करता था वो घुसपैठ करता था। किसी भी क्षेत्र में कोई दिशा नहीं थी और दुनिया के अंदर भारत के पासपोर्ट की कोई कीमत नहीं थी। कोई मान्यता देने को तैयार नहीं था। आज एक कुशल नेतृत्व के चलते ना सिर्फ भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं बल्कि दुनिया में भारत की साख को स्थापित करने का काम पीएम मोदी ने किया है।












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