गोंडा ट्रेन हादसा नहीं 'लापरवाही', ऑडियो आया सामने, की-मैन दे रहा था ट्रैक खराबी की सूचना!
Gonda Train Derail: उत्तर प्रदेश के गोंडा में गुरुवार (18 जुलाई) दोपहर हुए चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। हादसा 3.45 बजे मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच पिकौरा कोयरीपुर गांव के पास हुआ, जहां ट्रेन के 3 एसी डिब्बे पलट गए और 13 कोच बेपटरी हो गए।
इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। अब इस हादसे का एक ऑडियो सामने आया है, जिससे साफ पता लगता है कि खतरे की जानकारी थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

गोंडा ट्रेन हादसे से पहले का एक ऑडियो लीक हो गया है, जिसमें की-मैन रेलवे ट्रैक की खराबी की सूचना दे रहा था, लेकिन रेलवे ने उसे नकार दिया और नतीजे 3 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑडियो में बातचीत से पता चलता है कि की-मैन हादसे से पहले ही ट्रैक की खराबी की सूचना दे रहा था, लेकिन रेलवे अफसरों ने उसकी नहीं सुनी। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि वनइंडिया नहीं करता है। दूसरी तरफ पूर्वोत्तर रेलवे ने ऐसी किसी लापरवाही से साफ इनकार करते हुए ऑडियो को नकार दिया है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक दो ऑडिया सामने आए हैं। पहला ऑडियो हादसे के एक दिन पहले 17 जुलाई का है, जिसमें की-मैन का अपने अधिकारी को कॉल पर ट्रैक पर खराबी का बारे में जानकारी देते हुए बातचीत है। इसके बाद अगला ऑडियो हादसे से आधे घंटे पहले की-मैन का रेलवे अधिकारी के बीच का है।
हादसे से पहले बातचीत में की-मैन बता रहा है कि कॉशन (चेतावनी) लगा है कि नहीं 38/5 में? इसी के साथ उसने डेंजर यानी खतरे का हवाला देते हुए ट्रेन के पहिए उतरने की भी आशंका जताई थी। जिसने अब इस हादसे के बाद नई बहस छेड़ दी है।
जानिए कैसे हुआ हादसा?
गोंडा में हुए चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की जो वजह सामने आई है। वो यह है कि जिस जगह पर ट्रेन पटरी से उतरी, वहां चार दिन से बकलिंग यानी गर्मी में पटरी में फैलाव होना होना रहा था। बकलिंग की वजह से गुरुवार को 70 किमी. प्रति घंटा की गति से जा रही चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस पटरी से उतर गई।












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