जेवर में एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ, ये होंगी खासियतें

जेवर में एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ ये होंगी खासियतें

नई दिल्ली। कई सालों से कभी केंद्र तो कभी राज्य सरकार की मंजूरी के चलते अटके पश्चिम उत्तर प्रदेश के जेवर (ग्रेटर नोएडा) में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के ‌ल‌‌िए केंद्रीय व‌िमानन मंत्रालय ने अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे जेवर एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ हो गयाा है। उत्तर प्रदेश के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री एजी राजू ने ट्वीट कर बताया कि आने वाले 10-15 साल में ये हवाई अड्डा 3-5 करोड़ यात्री हर साल इस हवाईअड्डे से सफर करेंगें।

जेवर में एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ, ये होंगी खासियतें

यमुना अथॉरिटी एरिया में जेवर के पास बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए ऑब्सटेकल लिमिटेशन सर्फेस (ओएलएस) सर्वे की रिपोर्ट यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंपीं थी। जिसके बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रायल को फैसला करना था कि जेवर में जो लोकेशन है, वो एयरपोर्ट बनाने के लिए उपयुक्त है या नहीं। जहां ये एयरपोर्ट बनेगा उसके 20 किलोमीटर के दायरे में ऊंची बिल्डिंग, चिमनी और मीनार आदि नहीं है। ऐसे में नियमों के लिहाज से एयरपोर्ट के रास्ता में कोई बाधा नहीं थी और उड्डयन मंत्रालय ने जेवर एयरपोर्ट को अनुमति दे दी।

एक एयरपोर्ट से 150 किलोमीटर की हवाई दूरी के बीच नया एयरपोर्ट नहीं बनाया जा सकता है। ये भी ग्रेटर नोएडा में आने वाले जेवर में एयरपोर्ट के बनने में एक बाधा थी, हालांकि विशेष परिस्थितियों में इसमें रियायत दी जा सकती है और अब जेवर एयरपोर्ट को हरी झंड़ी मिल गई है।

क्या होगा जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में खास

  • जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए 3 हजार हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है।
  • पहले चरण में 1000 हेक्टेयर जमीन को विकसित किया जाएगा. इस एयरपोर्ट पर 15 से 20 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा।
  • यमुना प्रधिकरण के 38 गांवों की है चिन्हित की गई जमीन।
  • 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने दिया था जेवर हवाईअड्डे का प्रस्ताव।
  • 2003 में जेवर में प्रोजेक्ट के लिए जगह निर्धारित की गई।
  • बसपा सरकार ने यमुना प्राधिकरण के 35 गांवों की करीब 2471 एकड़ जमीन रिजर्व कर मास्टर प्लान तैयार किया
  • 2014 में रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव को नकार दिया।
  • 2012 में सत्ता में आने के बाद अखिलेश सरकार ने जेवर को ठंडे बस्ते में डाल आगरा कुशीनगर में एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। हालांकि बाद में जेवर के लिए ही भेजा था प्रस्ताव।
  • 30 जून 2016 को रक्षा मंत्रालय की तरफ से मिली एनओसी।
  • 2017 में सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने केंद्र को भेजा था प्रस्ताव।
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