UP में BJP-JDU के बीच फंसा सीटों के बंटवारे का पेंच, नीतीश की पार्टी 30 सीटों पर पेश कर रही अपनी दावेदारी
लखनऊ,7 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले अब सभी राजनीतिक पार्टियां यूपी की सियासत में अपना भविष्य टटोलने में जुटी हैं। एक तरफ जहां असदुद्दीन ओवैसी यूपी में चुनाव लड़ने की हुंकार भर रहे हैं वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का दावा कर रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और के बीच टिकट को सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जेडीयू का दावा है कि यदि गठबंधन में हमें सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं तो अकेले अपने दम पर 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को जल्द ही औपचारिक रूप दिए जाने की संभावना है। सौदे को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के नेताओं ने पहले ही दो बैठकें की हैं। सूत्रों ने कहा कि जद (यू) के शीर्ष नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक की है।
दो दर्जन सीटों पर जद यू का दावा
जद (यू) ने दावा किया है कि बिहार सीमा के पास स्थित कम से कम दो दर्जन सीटों पर पार्टी का काफी प्रभाव है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि जद-यू इन सीटों पर कुर्मी, कोईरी और भूमिहार वोटबैंक को लुभाने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले जदयू ने कहा था कि अगर यूपी में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हुआ तो वह उत्तर प्रदेश में 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 2017 में, जद-यू ने यूपी चुनाव नहीं लड़ा क्योंकि वह बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में लौटने की योजना बना रहा था।
जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी ने कहा कि,
''अभी गठबंधन को लेकर कोई तस्वीर फाइनल नहीं हुई है। पहले बीजेपी को देख लें क्या होता है। यदि कुछ नहीं होगा तो खुद ही मैदान में कूदेंगे लेकिन चुनाव पार्टी जरूर लड़ेगी।''

यूपी चुनाव में छोटे दलों का भी तैयार हो रहा भागीदारी मोर्चा
जहां तक भाजपा का सवाल है, भगवा पार्टी ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के नेतृत्व वाले राज्य में छोटे दलों के बीच गठबंधन, भागीदारी संकल्प मोर्चा के प्रभाव को कुंद करने की कोशिश कर रही है। अन्य दो प्रमुख दलों - अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी - ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस बार यूपी चुनाव में अकेले उतरेंगे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने 2017 का चुनाव एक साथ लड़ा था, हालांकि गठबंधन भाजपा को कोई बड़ी चुनौती देने में विफल रहा।
-
आशा ताई के सामने फफक पड़े मोहम्मद सिराज, जनाई भोसले को गले लगा खूब रोए, देश को रुला गया वीडियो -
Bihar New CM: सम्राट चौधरी के घर पहुंचे राज्यपाल के सचिव, 'कागज' लेकर राजभवन लौटे, तय हो गया नए CM का नाम? -
Balen Shah India Visit: भारत दौरे से पहले बालेन शाह ने रखी कई शर्तें, कहा- सिर्फ फोटो खिंचवाने नहीं आऊंगा -
Gold Rate Today: सोना खरीदारों की मौज! हफ्ते के पहले ही दिन धड़ाम से गिरे दाम, चेक करें अपने शहर का नया रेट -
Tamil Nadu: धमकी से मुस्लिम महिला की सुरक्षा तक—हजीना सैयद के आरोपों से हिली कांग्रेस, चुनाव से पहले फोड़ा बम -
फोन इस्तेमाल करने पर राजस्थान रॉयल्स का अजीब जवाब, BCCI के नोटिस के बाद कहा- मैनेजर के फेफड़े खराब -
कौन हैं 24 साल के प्रफुल हिंगे? IPL डेब्यू मैच के पहले ओवर में झटके 3 विकेट, तोड़ दी राजस्थान रॉयल्स की कमर -
युवराज सिंह के शिष्य की दुखद मौत, 3 दिन के बाद मिली लाश, IPL में आने से पहले ही चली गई जान -
Hajj 2026: ईरान जंग के बीच सऊदी ने मक्का में बैन की एंट्री! हज से पहले सख्त हुए नियम, उमरा वीजा सस्पेंड -
IPL 2026: जयपुर में नहीं खेलेंगे रोहित-कोहली और धोनी, BCCI ने राजस्थान के फैंस को बनाया बेवकूफ -
MP CM Kisan Kalyan Yojana: 82 लाख किसानों को बड़ा तोहफा! 14-15 अप्रैल को खाते में आ सकती है किस्त -
VIDEO: सुरों की 'देवी' को विदा करने पहुंचे क्रिकेट के भगवान! आशा भोंसले को देख फूट-फूटकर रो पड़े सचिन












Click it and Unblock the Notifications