Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

बड़ा कदम उठाने से पहले अब शिवपाल ले रहे समर्थकों के मन की थाह, जानिए क्या दी नसीहत

लखनऊ, 1 अप्रैल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की बैठक राज्य में एक बड़ी उथल-पुथल के संकेत दे रही है। सीएम योगी और शिवपाल यादव के बीच अचानक हुई मुलाकात के बाद से तमाम अटकलों का बाजार गर्म है। यूपी के सियासी गलियारों में शिवपाल यादव के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। बीजेपी के सूत्रों की माने तो शिवपाल जुलाई तक बीजेपी का दामन थाम सकते हैं और बीजेपी उनको आजमगढ़ का लोकसभा का उपचुनाव लड़ा सकती है। इसको लेकर अब शिवपाल अपने समर्थकों के साथ बैठक कर फीडबैक लेने में जुटे हुए हैं।

शिवपाल अपने समर्थकों का फीडबैक ले रहे हैं

शिवपाल अपने समर्थकों का फीडबैक ले रहे हैं

दरअसल यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा बीजेपी में शामिल हुईं थीं। समाजवादी पार्टी के लिए यह बड़ा झटका था। सीएम योगी और शिवपाल यादव की मुलाकात के बाद ऐसी ही कहानी दोहराने की खबरों का बाजार गर्म है। याद रहे कि पिछले लोकसभा चुनाव में शिवपाल यादव के बीजेपी में शामिल होने के लिए पूरा जोर लगाया गया था, लेकिन तब ऐसा नहीं हो सका। अब ऐसा माना जा रहा है कि शिवपाल भी अपर्णा यादव की तरफ जल्द ही कोई फैसला लेंगे और इस बार वह परिवार और समर्थकों को संतुष्ट करने के बाद ही आगे बढ़ेंगे।

मुलायम के जमाने में मिला सम्मान बेटे अखिलेश से नहीं मिला!

मुलायम के जमाने में मिला सम्मान बेटे अखिलेश से नहीं मिला!

शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच की दूरियां अचानक नहीं बढ़ीं। बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के हाथों सपा की बागडोर संभालने के बाद शिवपाल अपने ही राजनीतिक घराने में पराया हो गए. याद रहे कि जहां मुलायम सिंह यादव पार्टी के मुखिया थे, वहीं शिवपाल यादव पार्टी और सरकार में दूसरे नंबर पर रहते थे. साफ है कि यूपी की राजनीति में शिवपाल यादव का कद काफी बड़ा है. पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आते ही शिवपाल यादव को वह सम्मान नहीं मिल पाया जो उन्हें मुलायम सिंह यादव के दौर में मिला था और शिवपाल यादव इस तथ्य को आज तक मिटा नहीं पाए. वह जा रहा है।

 चाचा-भतीजे के बीच फिर बढ़ी दूरियां

चाचा-भतीजे के बीच फिर बढ़ी दूरियां

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवपाल यादव ने विधायक दल की बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने पर बड़े भाई मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर नाराजगी जताई है। विधानसभा चुनाव से पहले जब वह गठबंधन में शामिल हुए थे तो अखिलेश की ओर से कहा गया था कि उनका ध्यान रखा जाएगा। लेकिन जब चुनाव खत्म हो गए, तो अखिलेश यादव ने आजमगढ़ से सांसद का पद छोड़कर करहल से विधायक बने रहने का फैसला किया। जब विधायक दल की बैठक हुई तो उन्हें नेता प्रतिपक्ष चुना गया। सूत्रों के मुताबिक शिवपाल यादव विपक्षी दल का नेता बनना चाहते थे। इसके बाद से ही दोनों नेताओं के बीच नाराजगी है।

हाल के दिनों में बढ़ी बीजेपी से नजदीकियां

हाल के दिनों में बढ़ी बीजेपी से नजदीकियां

समाजवादी पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आते ही शिवपाल यादव अपने राजनीतिक घराने से बेघर हो गए। इसके बाद उन्होंने एक अलग प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया। इस दौरान वे भाजपा के करीब रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी शिवपाल के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा आम हो गई थी. मुलायम सिंह यादव से उनके जन्मदिन पर जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिले तो शिवपाल भी उनके साथ उनके घर गए. विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने योगी की कानून व्यवस्था की तारीफ करते हुए बीजेपी के प्रति नरमी बरतने का इशारा किया था। यूपी विधानसभा चुनाव में जसवंतनगर सीट से शिवपाल यादव ने जीत हासिल की है. उन्हें 158531 वोट मिले। वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी के विवेक शाक्य हैं, जिन्हें 68,454 वोट मिले हैं. तीसरे नंबर पर बसपा के ब्रजेंद्र प्रताप सिंह थे, जिन्हें 17435 वोट मिले थे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+