बरेली के सीरियल किलर की कहानी: अधेड़ उम्र की महिलाओं को करता था प्रपोज, ना कहने पर देता था ऐसी खौफनाक सजा
Bareilly News: बरेली पुलिस ने साल भर में अधेड़ उम्र की 9 महिलाओं की हत्या के बाद सीरियल किलर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्त में आए सीरियल किलर का नाम कुलदीप कुमार है। 9 महिलाओं की हत्या के बाद बरेली में दहशत का माहौल था और महिलाएं अपने घरों से बाहर निकलने में डरती थीं।
दरअसल, सीरियल किलर 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। वो महिलाओं को अकेला पाकर उन्हें प्रपोज करता था...अगर महिला उसके प्रस्ताव को अस्वीकार यानी ठुकरा देती थी तो वह इतना गुस्सा हो जाता था कि वो उसकी जान तक ले लेता था।

खबर के मुताबिक, सीरियल किलर कुलदीप महिलाओं का गला घोंट देता था और फिर उनकी गर्दन में साड़ी बांध देता था ताकि वे जिंदा न बचें। इतना ही नहीं, हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद उनका कोई ना कोई सामान अपने साथ भी ले जाता था। वहीं, अब सीरियल किलर कुलदीप कुमार की गिरफ्तारी के बाद लोगों के मन में एक सवाल खड़ा हो गया।
आखिर कुलदीप कुमार गंगवार इतना खूंखार कैसे बन गया? इस सवाल का जवाब अब बरेली पुलिस ने दे दिया है। दरअसल, कुलदीप ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके पिता ने उसकी मां के जीवित रहते ही दूसरी शादी कर ली थी। उसके पति अकसर अपनी दूसरी पत्नी के कहने पर पहली पत्नी के साथ मारपीट करते थे।
इस वजह से कुलदीप गंगवार को अपनी सौतेली मां से गहरी नफरत हो गई थी। जिसके कारण वह उसकी उम्र की महिलाओं को निशाना बनाने लगा। पूछताछ में आरोपी कुलदीप गंगवार ने बताया कि उसकी शादी साल 2014 में हुई थी। उसकी खुद की शादी भी मुश्किलों भरी रही, उसकी पत्नी ने उसके हिंसक व्यवहार के कारण उसे छोड़ दिया।
इन्हीं, सब कारणों की वजह से कुलदीप कुंठित होकर भांग, सुल्फा और शराब आदिक का सेवन करने लगा था। इतना ही नहीं, वो आस-पास के जंगलों में एक गांव से दूसरे गांव भटकना शुरू कर दिया। उसके शिकार 45 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाएं होती थीं और वह उन पर तभी हमला करता था जब वे सुनसान इलाके में अकेली होती थीं।
कुलदीप के काम करने का ढंग
सीरियल किलर कुलदीप गंगवार को आस-पास के इलाके, खास तौर पर सुनसान खेतों की सड़कों और पगडंडियों की अच्छी जानकारी थी। वह अपने अपराधों के लिए गन्ने के खेतों को चुनता था क्योंकि वे उसे छिपाने का मौका देते थे। महिलाओं का गला घोंटने के बाद वह उनकी गर्दन पर उनकी साड़ी या दुपट्टे से कसकर गांठ बांध देता था।
गंगवार ने मोबाइल फोन या किसी भी परिवहन के साधन का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि पैदल ही घूमना पसंद किया। वह अपने शिकारों से संकेत के तौर पर वोटर आईडी कार्ड, लिपस्टिक, बिंदी और नकदी जैसी चीजें ले लेता था। सीरियल किलर को पकड़ने के लिए पुलिस ने 22 टीमें बनाईं और 25 किलोमीटर के दायरे में ऑपरेशन चलाया।
उन्होंने नए कैमरे लगाए और निगरानी के लिए 1.5 लाख से ज़्यादा मोबाइल फ़ोन से डेटा निकाला। पुलिस को मुखबिर से मिली जानकारी और स्केच की मदद से गंगवार की पहचान करने में सफलता मिली। गंगवार ने छह महिलाओं की हत्या की बात कबूल कर ली है।












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