UP News: बाहुबली माफिया मुख़्तार अंसारी की मुश्किलें बढ़ी, Income Tax ने जारी किया नोटिस
यूपी के बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मुख्तार को अब इनकम टेक्स ने नोटिस भेजा है।

The Income Tax Department's Lucknow: उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद बांदा जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को आयकर विभाग की लखनऊ इकाई ने गुरुवार को नोटिस थमाया है। नोटिस आईटी विभाग की हालिया कार्यवाही से संबंधित है जिसमें मुख्तार की 12 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति कुर्क की गई थी। इस कार्यवाही के बाद पता चला कि संपत्ति गणेश दत्त मिश्रा के नाम पर पंजीकृत है।
आइटी विभाग ने मुख्तार से मांगी जानकारी
IT विभाग के नोटिस में आगे की जांच के लिए मिश्रा के साथ मुख्तार के संबंध का विवरण मांगा गया है। एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने टीओआई से पुष्टि की कि जेल में बंद डॉन को नोटिस दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि मुख्तार की 23 और बेनामी संपत्तियों का पता लगाया गया है।
मुख्तार की कई सम्पत्तियां गणेश मिश्रा के नाम पर
सूत्रों ने बताया कि गाजीपुर में एक संपत्ति मुख्तार के कर्मचारी गणेश दत्त मिश्रा के नाम दर्ज है। यह 0.207 हेक्टेयर को मापता है और इसकी कीमत 12 करोड़ रुपये है। रिकॉर्ड खंगालने पर अधिकारियों ने पाया कि मौजा कुपुरपुर में 25 नवंबर, 2017 को जमीन की रजिस्ट्री हुई थी। मिश्रा ने सुषमा और गीता राय से 3.71 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी।
मिश्रा की कम्पनी भी जांच के दायरे में
मिश्रा की भूमिका आगाज कंस्ट्रक्शन के वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान भी सामने आई, जिसमें मुख्तार की पत्नी अफसान अंसारी के पास 1,500 शेयर, ससुर जमशेद रजा के पास 3,425 शेयर और बेटे अब्बास अंसारी के पास 19,170 शेयर हैं।
माफिया मुख्तार से मांगा गया स्प्ष्टीकरण
कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से मिश्रा के नाम पर 1.06 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था और मिश्रा की 90 लाख रुपये की संपत्ति गिरवी रख दी थी। सूत्रों ने कहा, "इन सभी बिंदुओं को विस्तार से बताया गया है और जवाब के लिए डॉन को भेजा गया है।"
मुख्तार और उसके साथियों पर इनकम टैक्स की नजर
IT विभाग के सूत्रों की माने तो 2021 में मुख्तार, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक मामला दर्ज किए जाने के बाद जांच शुरू की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मिश्रा डॉन का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था जिसके नाम पर उसकी कई संपत्तियां दर्ज हैं। अब तक मुख्तार और उसके साथियों की प्रदेश भर से 290 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।












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