अल जौहर ट्रस्ट से क्या है आजम खान का कनेक्शन, कैसे 100 रुपये में मिल गई थी करोड़ों की जमीन
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को उनके कई ठिकानों पर छापे मारे। इस छापेमारी के साथ ही अल जौहर ट्रस्ट चर्चा में आ गया है। आइए जानते हैं कि उसका आजम खान से क्या कनेक्शन है।
अल जौहर ट्रस्ट के प्रमुख आजम खान हैं। इस ट्रस्ट ने ही रामपुर में 2006 में मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय बनाया था। ये निजी विश्वविद्यालय है, जिसे यूजीसी से मान्यता प्राप्त है। इसमें ज्यादातर पद आजम खान के परिवार के पास ही हैं।

सपा सरकार ने जमकर की मेहरबानी
साल 2012 से लेकर 2017 तक यूपी में सपा की सरकार थी और आजम खान के पास कैबिनेट मंत्री का पद था। आरोप है कि राज्य सरकार ने इस ट्रस्ट पर जमकर मेहरबानियां कीं। शोध संस्थान के नाम पर उसे 3.24 एकड़ जमीन दी गई। ये जमीन सरकार ने 100 रुपये प्रति वर्ष की लीज पर 30 साल के लिए दी थी। साथ ही ये कहा गया था कि लीज को इसी अवधि के लिए दो बार बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि अब ये पट्टा रद्द हो गया है।
सरकार ने क्या कहा था?
लीज के मामले पर कुछ वक्त पहले अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह का बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि आजम खान दावा कर रहे थे कि देश में अरबी, उर्दू, फारसी विषय खत्म हो रहे। ऐसे में वो उस पर शोध करवाएंगे। इसके लिए उन्होंने कम दाम में सरकारी जमीन ले ली। हालांकि उस पर काम नहीं हुआ। इस वजह से योगी कैबिनेट ने लीज रद्द कर दी।
छापेमारी में ट्रस्ट भी निशाने पर
आयकर विभाग की कार्रवाई में अल जौहर ट्रस्ट भी निशाने पर है। आरोप है कि ये ट्रस्ट आजम खान की यूनिवर्सिटी का संचालन कर रहा। जिसको खोलने के लिए जमकर जमीन की हेराफेरी की गई। ऐसे में उससे जुड़े दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं।












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