Ram Mandir: पद्मभूषण वासुदेव कामत की डिजाइन आई सबको पसंद, जानें कैसे रहेगी गर्भगृह की मूर्ति
राम मंदिर की मुख्य मूर्ति के निर्माण को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। कई मूर्तिकारों ने अपना डिजाइन प्रस्तुत किया था, जिसमें पद्मभूषण वासुदेव कामत की डिजाइन सबको पसंद आई है।

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से जारी है। वैसे तो जनवरी 2024 में श्रद्धालुओं के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हाल ही में खबर आई थी कि सितंबर-अक्टूबर में ही इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अभी गर्भगृह का काम चल रहा। साथ ही वहां पर रखी जाने वाली अचल मूर्ति को लेकर भी मंथन जारी है। इस मूर्ति के लिए कई मूर्तिकारों ने डिजाइन पेश किया था, लेकिन सबसे ज्यादा पद्मभूषण वासुदेव कामत की डिजाइन को पसंद किया गया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी लगातार इस मूर्ति को लेकर बैठक कर रहे हैं। शनिवार को कई वरिष्ठ मूर्तिकार अयोध्या में थे। जिनमें विश्वनाथ कामत, सुदर्शन साहू, विष्णु शर्मा, जयपुर के सत्यनारायण पांडेय, कर्नाटक के गणेश भट्ट और मनैया बी शामिल हैं। सभी ने अपने-अपने डिजाइन को पदाधिकारियों के सामने पेश किया, जो कागज पर बनाई गई थी। इसमें सबसे ज्यादा अच्छी वासुदेव कामत की मूर्ति मानी जा रही।
मामले में ट्रस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि वो शास्त्र आदि के हिसाब से मूर्ति तैयार करवा रहे। अभी तक कामत का डिजाइन ज्यादा सही लग रहा। उन्होंने 12 इंच के कमलदल पर खड़ी मुद्रा में मूर्ति का स्केच तैयार किया है। उसकी कुल ऊंचाई 51 इंच होगी। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
मूर्तिकारों को इस बात का डर
कर्नाटक के करकला से कई पत्थर आए हैं। जिनका रंग अभी आसमानी नीला है। मूर्तिकारों ने हाल ही में उसकी गहन जांच की। उनको इस बात का डर है कि भविष्य में ये पत्थर काले ना पड़ जाएं। वहीं नेपाल के काली गंडकी नदी से शालिग्राम पत्थर आया था। उससे मूर्ति बनाए जाने की बात हो रही थी, लेकिन कई धर्म गुरुओं ने उसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि शालिग्राम में भगवान विष्णु का वास होता है, ऐसे में उस पर अगर छीनी-हथौड़ी चली तो महाविनाश होगा। ऐसे में अब राजस्थान के संगमरमर पर भी विचार हो रहा।












Click it and Unblock the Notifications