Avimukteshwaranand Case: POCSO मामले में बुरे फंसे स्वामी, गिरफ्तारी टालने पहुंचे हाईकोर्ट, शिष्य भी नपा!
Avimukteshwaranand POCSO Case: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती POCSO मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गिरफ्तारी की आशंका से बचने के लिए उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है।
यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज POCSO एक्ट के तहत यौन शोषण के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। मामले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी (Disciple Mukundananda Giri) के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। इसमें दो नाबालिग बच्चों (लगभग 14 और 17 वर्षीय) के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है, जो कथित तौर पर माघ मेले और 2025 महाकुंभ (2025 Maha Kumbh) के दौरान उनके शिविर/आश्रम में हुआ।

FIR Registered: मामले की शुरुआत और FIR कैसे दर्ज हुई?
शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (Shakumbhari Peethadheeshwar Ashutosh Brahmachari Maharaj) ने शिकायतकर्ता के रूप में प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत में अर्जी दी थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/POCSO स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने शनिवार (21 फरवरी 2026) को सबूतों और नाबालिग पीड़ितों के बयानों की जांच के बाद झूंसी पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
कोर्ट के निर्देश पर रविवार रात (22 फरवरी) को झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3) के अलावा POCSO एक्ट की धाराएं 3, 4(2), 5l, 6, 16 और 17 लगाई गई हैं। ये धाराएं गंभीर यौन अपराधों, विशेषकर नाबालिगों के साथ प्रवेशी यौन हमले (Aggravated Penetrative Sexual Assault) से संबंधित हैं, जिनमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। आरोपी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद गिरी और 2-3 अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं।
Avimukteshwaranand POCSO Case: क्या है पुलिस जांच की स्थिति ?
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नक्शा तैयार किया। नाबालिग पीड़ितों के बयान (कलमबंद) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हाल ही में हरदोई पहुंचकर पुलिस ने उनके बयान लिए, जिसमें आरोपों की पुष्टि बताई गई है। वाराणसी स्थित स्वामी के मठ में पूछताछ के लिए पुलिस टीम जा सकती है। जांच जारी है, और POCSO मामलों में पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
Swami Avimukteshwarananda Response: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया
स्वामी ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और इसे 'फर्जी मुकदमा' और साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चे कभी उनके गुरुकुल में नहीं आए, CCTV फुटेज से सबूत मिलेंगे, और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यहां तक कि गिरफ्तारी होने पर भी। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखा हमला बोला, उन्हें 'हिस्ट्रीशीटर' करार दिया और कई मुकदमों का जिक्र किया।
Ashutosh Brahmachari Counterattack: आशुतोष ब्रह्मचारी का पलटवार
आशुतोष ब्रह्मचारी (Ashutosh Brahmachari) ने स्वामी के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि शामली जिले के कांधला थाने से उन्हें हिस्ट्रीशीटर बताना गलत है। उन्होंने चुनौती दी कि कोई साक्ष्य पेश किया जाए। उनका दावा है कि स्वामी के इशारे पर उनके शिष्यों ने फर्जी लिस्ट बनाई, जिसमें कांधला थाने की मोहर लगी है, और इस पर उन्होंने खुद थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
अब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका (Bail Petition High Court)
मंगलवार (24 फरवरी 2026) को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने वकीलों-राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश-के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। इस पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। POCSO जैसे संवेदनशील मामलों में अग्रिम जमानत मिलना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अदालत सबूतों, जांच की स्थिति और अन्य कारकों पर फैसला लेगी।
यह मामला धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा में है, जहां एक तरफ गंभीर आरोप हैं तो दूसरी तरफ साजिश का दावा। जांच पूरी होने पर ही सच्चाई सामने आएगी।












Click it and Unblock the Notifications