दो दर्जन से अधिक यूपी भाजपा के सांसदों का 2019 में कटेगा टिकट
2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी के दो दर्जन सांसदों का टिकट कटना लगभग तय, पार्टी ने बनाई नकारात्मक छवि वाले नेताओं की लिस्ट
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने पहले लोकसभा चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है, उसके बाद पार्टी आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इस जीत के सिलसिले को जारी रखना चाहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अभी से 2019 के चुनाव की तैयारी करनी शुरु कर दी है, इस कड़ी में जो सबसे बड़ा फैसला पार्टी लेने की ओर बढ़ रही है वह यह कि यूपी में दो दर्जन से अधिक सांसदों का पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में टिकट काट सकती है।

20-25 सांसदों का टिकट कटना तय
भाजपा के शीर्ष सूत्रों की मानें तो आगामी लोकसभा चुनाव में तकरीबन 20 से 25 ऐसे नामों पर चर्चा हो चुकी है जिनका आगामी चुनाव में टिकट कटना तय है। इन सांसदों की उनके संसदीय क्षेत्र में छवि को देखते हुए पार्टी इनका टिकट काट सकती है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान लखनऊ भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान ही पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कहा था कि ऐसे सांसदों की सूचि तैयार की जाए जिनकी जनता के बीच छवि नकारात्मक है।

कुल 40 सांसदों की सूचि बनाई गई
आलाकमान के निर्देश के बाद इन सांसदों की सूचि को तैयार कर लिया गया है, जिनकी छवि उनके संसदीय क्षेत्र मे जनता के बीच अच्छी नहीं है। इस सूचि में प्रदेश के 71 में से 40 सांसदों के नाम हैं, जिन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में छवि को सुधारने की हिदायत दी गई है। जिन 40 सांसदों को हिदायत दी गई है उसमें से 15 सांसदों ने प्रदेश में परिवर्तन यात्रा के दौरान काफी सक्रियता दिखाई और इन्हें लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ। जबकि जिन सांसदों की छवि बेहतर नहीं थी उनके क्षेत्र में अनुकूल माहौल मुहैया कराया गया ताकि लोगों का समर्थन हासिल हो सके।

खुद पीएम ने ली थी बैठक
पार्टी की रणनीति थी कि जिन नेताओं की छवि बेहतर नहीं है उन्हें परिवर्तन यात्रा के दौरान पोस्टर में स्थान दिया जाए ताकि लोगों का उनके प्रति लगाव हो और जनता की नाराजगी को दूर किया जा सके। लेकिन इनमें से तकरीबन 20-25 सांसद ऐसे हैं जो अपनी छवि को लोगों के बीच सुधार नहीं पाए, ऐसे में इन सांसदों का टिकट कटना लगभग तय है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी ने खुद यूपी के 71 सांसदों की बैठक ली और उन्हें जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यों का प्रचार करने को कहा है।

इस बार मोदी लहर का सहारा नहीं मिलेगा
पार्टी के एक उच्च अधिकारी के मुताबिक सांसदों को चेताने की कोशिश की गई है ताकि वह अपनी छवि को बेहतर कर सके और जनता के बीच नकारात्मक छवि को सुधार सके, लेकिन जो सांसद ऐसा नहीं कर सके हैं उनका टिकट कटना लगभग तय है। इस लिस्ट में सबसे अधिक सांसद पूर्वांचल के हैं जिनपर आला कमान की नजर है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 2014 में कई ऐसा नेता मोदी लहर में जीत गए जिनकी छवि अच्छी नहीं थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला है, उन सभी सांसदों का टिकट कटेगा जिन्होंने बेहतर काम नहीं किया या जिनकी छवि बेहतर नहीं रही।












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