जोगी के वेश में घर पहुंचा 20 साल से लापता बेटा, निकला शातिर ठग नफीस, कई परिवारों को लगा चुका है चूना
उत्तर प्रदेश की अमेठी से ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। दरअसल, यहां एक परिवार का बेटा करीब 20 साल पहले लापता हो गया था। परिवार वालों ने उसकी बहुत तलाश की पर वो नहीं मिला। एक सप्ताह पहले एक जोगी के भेष में एक युवक गांव पहुंचा और उसने खुद को 20 साल पहले लापता हुआ लड़का बताया।
यह सुनकर और उसे देखकर परिजन रोने लगे और जोगी बना युवक भजन गाता रहा। इस पूरे प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सभी यह जानकर आश्चर्य में थे कि 20 साल बाद युवक घर लौट आया है। भजन गाने के बाद जोगी गांव से चला गया। जिसके बाद उसने परिवार को फोन करके भंडारे के लिए पैसे की डिमांड की।

पैसे की डिमांड करने के बाद परिवार वालों को उसपर शक हुआ। उन्होंने जब उस नंबर पर वापस कॉल किया तो उसने झारखंड में होने की बात कही। परिजनों ने इस बात की सूचना पुलिस को दी। उसकी लोकेशन ट्रैक कराने पर गोंडा निकली।
जिसके बाद इस बात का खुलासा हुआ कि वो जोगी 20 साल पहले दिल्ली से गायब हुआ रति पाल का बेटा अरुण उर्फ पिंकू नहीं बल्कि एक ठग है। लड़के की लोकेशन ट्रेस करने के बाद परिजन पुलिस के साथ गोंडा पहुंचे मगर तब तक फ्रॉड जोगी वहां से फरार हो चुका था।
पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए छानबीन शुरू की। गोंडा जनपद के देहात कोतवाली के टिकरिया गांव में पहुंचकर पुलिस ने उस फ्रॉड जोगी के बारे जानकारी इकठ्ठा की। जहां पता चला कि उस फ्रॉड जोगी का नाम नफीस है। वो इससे पहले भी कई परिवारों को ठग कर लाखों रुपए ऐंठ चुका है।
रति पाल ने बताया, "उस लड़के को कल हम खोजने गए थे। अगर वो आ जाता तो हम उसका डीएनए टेस्ट करवाते। वो हमारे साथ फ्रॉड कर रहा था। कह रहा था कि वो झारखंड में है लेकिन उसकी लोकेशन गोंडा में मिली। उसके भागने और खाता संख्या सही न देने से हमको शंका हुई थी की वो फ्रॉड कर रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "वो कुछ दिन पहले गांव में आया था। परिवार का नाम लेकर गाना गा रहा था। उसने अपने पेट का निशान दिखाया था लेकिन जब पैसे की डिमांड हुई तो हमको शंका हुई। वो 3 लाख से अधिक रुपए मांग रहा था।"
आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के पलामू जिले के अभिमन्यु कुमार के घर यह फ्रॉड जोगी 2021 में पहुंचा था। उसने खुद को अभिमन्यु के चाचा, जो दिल्ली के गायब हुए थे, बताया था। अभिमन्यु ने कहा, फ्रॉड जोगी ने खुद के एक मठ से जुड़े होने की बात कह कर एक हजार लोगों को भोजन कराने के लिए पैसे मांगे थे।
अभिमन्यु के परिवार ने उसे 2.5 लाख रुपए के साथ लाखों रुपए की कीमत का सोना दिया था। इसके बाद से वो फ्रॉड जोगी फरार था। उनलोगों ने कई बार फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन फोन बंद आया। उन्होंने इसकी शिकायत पलामू के डाल्टनगंज थाने में दर्ज कराई थी।
जबकि बिहार के दरभंगा के रहने वाले शाहिद के घर भी यह फ्रॉड जोगी दो महीने पहले गया था। खुद को दिल्ली से गायब हुआ लड़का बताकर उसने शाहिद के परिवार से 2 लाख रुपए की डिमांड की थी लेकिन परिवार ने पैसा नहीं दिया। जिसके बाद फ्रॉड जोगी वहां से भाग निकला था। उसने शाहिद के परिवार से कहा था कि वो गोरखपुर के मठ में रहता है।
इस पूरे प्रकरण गौर करने वाली बात यह है कि यह फ्रॉड जोगी और इसका गैंग दिल्ली से गायब हुए बच्चों के परिवारजनों को अपना निशाना बना रहा है। यह गैंग वैसे लोगों के घर जाकर खुद को उनका खोया हुआ परिजन बताकर पैसे की डिमांड करता है।
इस मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। पुलिस अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि खरौली निवासी व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई थी। उन्होंने कहा था कि एक व्यक्ति जोगी के भेष में आया और खुद को उनका बेटा बताया। वो पैसे की मांग कर रहा था। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।












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