Jyoti Maurya: ज्योति मौर्य मामले में बैकफुट पर आए पति आलोक, वापस लिया भ्रष्टाचार का केस
Jyoti Maurya SDM: प्रेम प्रसंग और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी एसडीएम ज्योति मौर्य और उनके सफाई कर्मी पति आलोक मौर्य मामले में नया मोड़ आ गया। आलोक मौर्य ने यू-टर्न लेते हुए अपनी पत्नी और एसडीएम ज्योति मौर्य के ऊपर लगाए सभी आरोप वापस ले लिए हैं। हालांकि, आरोप वापस लेने की आलोक ने कोई वजह नहीं बताई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलोक मौर्य ने इस बाबत जांच समिति के सामने प्रार्थना पत्र सौंपा। दरअसल, आलोक सोमवार 28 अगस्त को जांच कमेटी के अपर आयुक्त अमृत लाल बिंद के सामने पेश हुए। उन्हें अपनी पत्नी और एसडीएम ज्योति मौर्य के खिलाफ साक्ष्य पेश करने थे।

हालांकि, कहानी में उस वक्त नाटकीय मोड़ आ गया, जब उन्हें कमेटी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर शिकायत पत्र वापस ले लिया। अधिकारियों को सौंपे हए प्रार्थना पत्र में लिखा था कि पूरे होश में व बिना किसी दबाव के वह शिकायत वापस ले रहे हैं। कमेटी को प्रार्थना पत्र सौंपकर बाहर निकले आलोक ने बताया कि उन्हें अपनी शिकायत वापस ले ली है।
खबर के मुताबिक, जब मीडिया कर्मियों ने आलोक मौर्य से शिकायत वापस लेने का कारण पूछा तो वह चुप रहे। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, इस मामले में जांच समिति के अध्यक्ष अमृत लाल बिंद का कहना है कि आलोक ने शिकायत वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया है। एक-दो दिन में रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी जाएगी।
अब इस मामले में एसडीएम ज्योति मौर्या को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा या नहीं इस पर भी उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, अफसरों का कहना है कि ज्योति से पूछताछ के लिए अब कोई आधार नहीं बचा है।
सोच-समझकर वापल ली शिकायत
आलोक मौर्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'उन्होंने यह कदम सोच-समझकर उठाया है और शिकातय वाप ली हैं।' उनके इश फैसले से ज्योति मौर्य को बड़ी राहत मिली है। अब इस मामली की रिपोर्ट जांच कमेटी कमिश्नर प्रयागराज को भेजेगी। इसके बाद यह तय करेगा कि मामले में आगे जांच करनी है या नहीं।
प्रेम-प्रसंग के भी लगाए थे आरोप
आपको बता दें कि सफाई कर्मी पति आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी ज्योति मौर्य के पर भ्रष्टाचार के साथ-साथ होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे से अवैध संबंध के भी आरोप लगाए थे। तो वहीं, ज्योति मौर्य ने भी धूमनगंज थाने में अपने पति आलोक और उसके परिवार पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था।
फिलहाल, इस मामले में आलोक मौर्य बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या होता है। हालांकि, इस मामले में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। यदि आलोक ने शिकातय वापस ले ली है तो जांच समिति की रिपोर्ट को देखा जाएगा। उस पर कानूनी राय भी ली जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई अलम में लाई जाएगी।












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