इलाहाबाद यूनिवर्सिटी: आंदोलन कर रहे छात्रों में एक ने खुद को लगा ली आग, अब गर्माएगी सियासत!
आत्मदाह का प्रयास सफल तो नहीं हुआ लेकिन छात्र का 40 प्रतिशत शरीर जल गया है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं राजनीति गर्माती लग रही है।
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर चार दिन से आंदोलन कर रहे छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठियां भांजी। आंदोलन कर रहे छात्र कुलपति से मिलना चाहते थे। लेकिन कुलपति ने छात्रों से मिलने को मना कर दिया। सुरक्षा में लगी पुलिस ने कुलपति के विरुद्ध नारेबाजी कर उग्र होने की दिशा में बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। जिसका विरोध शुरू हुआ तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दी। जिसमे कई छात्र घायल हुए और इधर-उधर भागने लगे। लाठी चार्ज के विरोध में एक छात्र ने खुद को आग के हवाले कर दिया। आत्मदाह का प्रयास सफल तो नहीं हुआ लेकिन छात्र का 40 प्रतिशत शरीर जल गया है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं चुनावी माहौल में बैठे-बैठाए एक ऐसा मुद्दा उछला है जिसे हर दल लपक कर छात्रों के साथ उतरना चाहेगा।

आत्मदाह की कोशिश करने वाला छात्र है मो. जाबिर
लाठी चार्ज के विरोध में मोहम्मद जाबिर नाम के युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया है। वह विश्वविद्यालय का ही छात्र है। आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ वह भी मांग को पूरा करने को लेकर प्रदर्शन में शामिल था। लेकिन उसने पुलिसिया लाठीचार्ज के विरोध में खुद पर तेल छिड़कर आग लगा ली। देखते ही देखते छात्र आग का गोला बन गया। जब तक छात्र को बचाया गया उसके शरीर का 40 प्रतिशत हिस्सा जल चुका था। जाबिर का चेहरा और सीना आग से बुरी तरह झुलस गया है।
घटना से गर्माएगी सियासत!
छात्र के आत्मदाह के प्रयास ने छात्र राजनीति को उग्र होने का मौका दे दिया है। साथ ही विधानसभा चुनाव के बीच सियासत गर्माना भी तय माना जा रहा है। ऐसे में जब पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह विधायकी का चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में उनके साथियों पर हुई इस प्रताड़ना से हालात बिगड़ सकते हैं। शहर का हर प्रत्याशी इस मामले को तूल देकर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास करेगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में घटना से एक दिन पहले ही छात्रसंघ के बैनर तले कुलपति प्रो. रतन लाल हंगलू की शव यात्रा निकाली गई थी। इस दौरान कुलपति का क्रिया-कर्म भी कर दिया गया था। जबकि उससे पहले कुलपति के लापता होने का पोस्टर भी जारी किया गया था। इससे नाराज कुलपति ने छात्रों से बातचीत करने और मिलने से मना कर दिया था।












Click it and Unblock the Notifications