इलाहाबाद के पिछड़े गांव में है संजय दत्त का ननिहाल, नानी के बारे में नहीं जानते होंगे ये बात
इलाहाबाद। फिल्म स्टार संजय दत्त जल्द ही एक बड़ा कदम उठाने वाले हैं। वह अपनी नानी के गांव को गोद लेंगे और इस गांव की तकदीर और तस्वीर बदलेंगे। गौरतलब है की संजय दत्त की नानी का गांव इलाहाबाद के मेजा इलाके में है। बेहद ही पिछड़े इलाके में गिना जाने वाला चिलबिला गांव उरुवा ब्लाक के अंतर्गत आता है और अब इसी गांव को संजय दत्त गोद लेंगे। संजय दत्त ने इसके लिए पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए सरकार से सहयोग भी माँगा। संजय गांधी का गांव बेहद ही पिछड़ा गांव है और वो आजतक अपने ननिहाल नहीं गए। जाने संजय दत्त के ननिहाल की कुछ अनसुनी बातें जो शायद आपने आजतक नहीं सुनी होंगी।

सुनील दत्त ने बनवाया था अस्पताल
चिलबिला गांव में स्वर्गीय सुनील दत्त के प्रयास के बाद अस्पताल बना था और उनकी इच्छा थी की वह अपनी पत्नी के बेहद गरीब रहे इस गांव को पिछड़ेपन को दूर कर सुविधाओं से परिपूर्ण करे। अब उसी दिशा में संजय दत्त ने कदम बढ़ाये है और अपने पिता की इच्छा को पूरी करना चाह रहे है। फ़िलहाल संजय दत्त ने जैसे ही अपनी मंशा जाहिर की इस गांव में एक बार फिर से नरगिस दत्त की यदि ताजा हो गई है।

कभी नहीं आए गांव
चिलबिला गांव में संजय दत्त तो कभी नहीं आये लेकिन उनकी माँ नरगिस मुहर्रम पर अक्सर गांव आया करती थीं। लेकिन नरगिस की मौत के बाद उनके गांव आने का सिलसिला छूट गया। आखिरी बार 1996 में नरगिस और सुनील दत्त चिलबिला गांव आए थे। नरगिस हमेशा अपने ही घर में रूकती थीं लेकिन एक बार अब फिर से नरगिस की परछाई के रूप में संजय दत्त गांव आ सकते हैं और गांव में नगरिस की पुरानी यादें एकबार फिर से जीवंत हो उठी हैं।

पुरानी यादें क्या कहती हैं
गांव के प्रधान व संजय के फुफेरे भाई इसरार अली बताते है की अंग्रेजी हुकूमत के समय चिलबिला गांव नृत्य कला और मनोरंजन का खासा चर्चित केंद्र था। यहां के सारंगी मिया की ख्याति नृत्य कला में दूर दूर तक फैली हुई थी। इनसे नृत्य कला सीखने के लिए संजय दत्त की नानी जद्दनबाई यानि दलीपा बचपन में यहाँ आई थीं। सारंगी मिया ने उन्हें गोद ले लिया था। नृत्याँगना बनने के बाद वह मुंबई पहुंची थी। नरगिस ने माँ के नक़्शे क़दम पर एक नया दौर शुरू किया और फ़िल्मी दुनिया में खूब नाम कमाया। लेकिन, नरगिस कभी अपने माँ के गांव को नहीं भूली और वह हमेशा यहाँ आती रही और अपने पुराने घर में रूकती थी जो अब खण्डहर बन चुका है। फ़िलहाल अब संजय दत्त ने नरगिस और उनकी माँ के चिलबिला गांव की कहानी फिर से जिन्दा कर दी है।












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