VIDEO: बसपा नेता को बार-बार घर बुलाती रही पत्नी, जिंदा रहते नहीं लौट सके
राजेश को लगातार एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता रहा। जब पत्नी सो गई और उसका फोन काफी देर तक नहीं आया तो राजेश को मौत के घाट उतार दिया गया।
इलाहाबाद। बसपा नेता राजेश यादव की हत्या के बाद शहर में तनाव की स्थिति है। इस घटना को कवर करने पहुंचे एक पत्रकार पर हमला किया गया है। ये सब घटना के बाद का हाल है जिसे देखकर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बसपा नेता राजेश यादव की हत्या का राज फोन कॉल्स के इर्दगिर्द छिपा है। जब पत्नी राजेश को बार-बार फोन कर घर बुला रही थी। तब राजेश की हत्या का प्लान रचा जा रहा था। पुलिस राजेश की हत्या और तमाम फोन कॉल के साथ पत्नी के कॉल डिटेल से हत्या के तार जोड़ रही है।

पुलिस का मानना है कि राजेश की हत्या और पहले ही हो गई होती लेकिन बार-बार पत्नी का फोन आना। राजेश के मर्डर का समय बढ़ा रहा था। राजेश को लगातार एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता रहा। जब पत्नी सो गई और उसका फोन काफी देर तक नहीं आया तो राजेश को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस इस प्लान के पीछे किसी एक सख्श का दिमाग मान रही है। जिसने बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिलाया था। Oneindia ने राजेश की पत्नी मोनिका से बातचीत की तो उन्होंने हत्या वाली रात का पूरा राज बताया कि कैसे वो बार-बार फोन कर राजेश को बुलाती रही लेकिन उन्हें नहीं आने दिया गया।


क्या कह रही है पत्नी मोनिका
मोनिका यादव ने बताया कि जब रात साढ़े 9 बजे राजेश घर से निकले थे। उस वक्त पत्नी से उन्होंने थोड़ी देर में लौट आने को कहा था। लेकिन वो नहीं लौटे।
रात 10 बजे
मोनिका के अनुसार रात 10 बजे फोन लगाने पर कुछ और समय लगने की बात राजेश ने कही। तब वह किसी होटल की सीढी पर चढ रहे थे।
रात 12 बजे
इसके बाद रात 12 बजे मोनिका ने फिर से फोन लगाया । लेकिन फोन नहीं लग पा रहा था। तब मोनिका ने राजेश के साथ रहे आलोक के पास फोन लगाया और पूछा कहां हैं आप लोग। तब आलोक ने बताया कि हम लोग डाक्टर मुकुल के पास हैं। अभी कहीं और भी जायेंगे। लेकिन अब यहां से जैसे हम निकलेंगे। मैं आपको फोन करूंगा। आप राजेश को किसी भी तरह बुला लीजियेगा।

रात के 1:30 बजे
मोनिका का फोन जब राजेश ने रिसीव किया तो बताया कि वह मुकुल के साथ है। तब तक मुकुल ने फोन ले लिया और बोला कि आपने क्या सिखा दिया है राजेश को यह तो शराब ही नहीं पी रहा। तब तक फोन पर राजेश की आवाज गूंजी कि कोई मुझे जबरदस्ती शराब नहीं पिला सकता। मोनिका ने मुकुल को सख्त लहजे में फोन राजेश को देने को कहा तो वापस राजेश से बात हुई। राजेश ने खुद को राज नर्सिंग होम में मौजूद होने को कहा।
इसके बाद फिर मोनिका की बात नहीं और जब मोनिका को सुबह 6 बजे राज नर्सिंग होम ले जाया गया तो राजेश की लाश उसे देखने को मिली।

नशे में धुत्त मुकुल नहीं आये बाहर
मोनिका के अनुसार बिजनेस का विवाद इन दिनों चल रहा था। इसके चलते वह पहले ही राजेश को मुकुल से सतर्क रहने को कहती थी लेकिन राजेश उनके खासमखास थे।
मोनिका ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंची और राजेश का हाल देखा तो मुकुल को बुलाने लगी। लेकिन नशे में धुत्त मुकुल नहीं आये। बताया गया वह बोलने की हालत में नहीं हैं। जबकि मुकुल ने पुलिस से बताया कि वह गोली लगने के बाद हास्टल के बाहर से उन्हे अस्पताल लाये और इलाज कर रहे थे। मोनिका ने सवाल उठाया कि जो आदमी बोलने की स्थिति में न हो वह ऐसा कैसे कर सकता है।

मामले पर एक नजर
ज्ञानपुर भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ चुनाव लड़कर चर्चा में आये बसपा नेता राजेश यादव की हत्या के बाद ने पिछले दिनों हुई बसपा नेता शमी की हत्या की याद ताजा कर दी । शमी की भी गोली मारकर हत्या की गई थी । गौरतलब है कि राजेश को आज भोर में लगभग 2:45 बजे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के ताराचंद हॉस्टल के बाहर गोली मारी गई । घटना के बाद से शहर में बवाल हो रहा है. बताया यह जा रहा है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में आज से चुनाव की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होनी थी।
चुनावी सपोर्ट को लेकर वह अपने मित्र डॉ मुकुल सिंह के साथ फॉर्चुनर गाड़ी से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के ताराचंद हॉस्टल गए थे। जहां चुनाव लड़ने वाले कुछ प्रत्याशियों के बीच समझौते की बात चल रही थी, कि किसे बैठ जाना चाहिये और किसी चुनाव लड़ना चाहिये। इसी बात को लेकर गहमागहमी चल रही थी। रात लगभग 2:30 बजे विवाद बढने पर राजेश पैदल ही हॉस्टल से बाहर बातचीत करते हुये निकले। इसी दौरान गोली चली। गोली राजेश के पेट में गोली लगी। अचानक से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में राजेश को राज नर्सिंग होम ले जाया गया।जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुबह से समर्थक बवाल कर रहे बस में आग लगा दी गई तोड़-फोड़ भी की गई है।

घटना के समय विवाद इतना बढ़ गया था, कि ईट पत्थर से राजेश की गाड़ी पर पथराव हुआ। कयी राउंड फायरिंग भी हुई। बताया यह भी जा रहा है कि बसपा नेता की ओर से बचाव में भी फायरिंग हुई थी। लेकिन हमलावरों के आगे वह टिक नहीं सके। घटना स्थल से पुलिस ने गोली के कयी खोखे भी बबरामद किये हैं। फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। बसपा नेताओ की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जुटी हुई है। आशंका है किया समर्थक मामले में प्रदर्शन कर सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिये पुलिस मुस्तैदी बढा दी गई है । पुलिस के लिये चुनौती यह भी होगी कि आज से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो रही है। उसे बाना रुकावट आगे बढाये। आज से फार्म मिलेगा। ऐसे में सकुशल चुनाव संपन्न कराना आसान नहीं होगा।












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