अखिलेश ने कही डिंपल के बारे में ऐसी बात, सब पति अपनी पत्नी पर कर सकते हैं फक्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 जीतने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां जमकर दम लगा रही हैं। उत्तर प्रदेश की जनता अगली सरकार किसकी बनवाएंगी, ये तो आने वाली 11 मार्च को ही पता चलेगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 जीतने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां जमकर दम लगा रही हैं। उत्तर प्रदेश की जनता अगली सरकार किसकी बनवाएंगी, ये तो आने वाली 11 मार्च को ही पता चलेगा। पर इन दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी पार्टी के खिलाफ बनी एंटी इनकंबेंसी को तोड़ने का पूरा प्रयास कर रहे हैं और इसमें उनका भरपूर साथ दे रही हैं उनकी पत्नी डिंपल यादव। अंग्रेजी समाचार पत्र हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में अखिलेश और डिपंल दोनों ने ही इन बातों को स्वीकार किया है।

जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे परिस्थितियां ठीक होती गईं
जब डिंपल यादव से समाजवादी पार्टी में मची परिवारिक कलह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस बात से निपटना बहुत कठिन था। पर जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे परिस्थितियां ठीक होती गईं। अब क्योंकि चुनाव शुरु हो चुके हैं तो हमारा पूरा ध्यान चुनावों पर ही और हम अच्छे परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं।
वहीं जब अखिलेश से पूछा गया कि क्या समाजवादी में मची परिवारिक कलह के बीच डिंपल आपके साथ एक पिलर की तरह खड़ी थी? तो अखिलेश ने कहा कि ऐसे कठिन समय में आप किसके ऊपर विश्वास या भरोसा करते हैं? सिर्फ आपकी पत्नी ही ऐसे समय में आपके साथ ऐसी कठिन परिस्थितियों में खड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा समय सबके जीवन में आता है जब आपको कठिन निर्णय लेने होते हैं।
क्योंकि वो समाचार चैनल नहीं देखते
डिंपल ने बताया कि जब परिवारिक कलह मची हुई थी तो सबसे ज्यादा उनकी चिंता बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव पर थी। डिंपल ने बताया कि क्योंकि टेक्नोलॉजी इतनी ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए मीडिया रिपोर्ट से दूर रखना काफी कठिन था। पर आज बच्चे परिस्थितियों को समझते हैं। वे अपने दादा मुलायम सिंह यादव को प्यार करते है और उतना ही प्यार अपने पिता अखिलेश यादव को भी करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि उनपर कोई ऐसा असर पड़ा होगा क्योंकि वो समाचार चैनल नहीं देखते हैं। जो चैनल उन्हें पसंद होते हैं, उन्हीं को देखते हैं।
समाजवादी पार्टी की महिला उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार कर रही हूं
जब डिंपल यादव से पूछा गया कि पहली बार राज्य में आप चुनाव प्रचार कर रही हैं। क्या आपको लगता है कि अखिलेश अकेले पड़ गए हैं। इस पर डिंपल ने कहा कि नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमें हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। क्योंकि उत्तर प्रदेश एक बहुत बड़ा राज्य है और समय कम बचा हुआ है। पार्टी के निर्देशानुसार मैं समाजवादी पार्टी की महिला उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार कर रही हूं और सबसे अच्छी बात है कि लोगों का बहुत समर्थन मिल रहा है। युवाओं और महिलाओं से मिलने वाले प्यार से मैं अभिभूत हूं।
मैं नहीं जानता कि पीएम मोदी ने वर्ष 1984 की बात अभी क्यों की
अखिलेश यादव का ध्यान पीएम मोदी के उस बयान की तरफ दिलाया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस पार्टी ने उनके पिता की जान लेने की कोशिश की और अब अखिलेश ने उसी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया है। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि मैं नहीं जानता कि पीएम मोदी ने वर्ष 1984 की बात अभी क्यों की। यदि पीएम मुझे भडका कर गठबंधन तोड़ने की कोशिश करना चाहते हैं तो तब उन्हें यह भी कहना चाहिए फिरोजाबाद के उन चुनावों के बारे में भी कहना जिसमें कांग्रेस ने डिंपल को हरा दिया था। क्येांकि यह राजनीति है तब कांग्रेस हमारी विरोधी पार्टी थी।
फैसला दोनों पार्टियों को करना है
इसी बीच डिंपल यादव से पूछा गया कि क्या वो प्रियंका गांधी के संग चुनावी रैलियां करेंगी तो उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसी कोई योजना नहीं है। यह फैसला दोनों पार्टियों को करना है। वहीं अखिलेश ने कहा कि हमने ऐसी रैलियों के बारे में कोई चर्चा नहीं की थी। यह सब मीडिया का बनाया हुआ है।
उनका चुनाव चिन्ह भी साइकिल है
अगला सवाल यह आया कि आप दोनों ने अपर्णा यादव के लिए चुनावी रैलियां की। पर जसवंतनगर में आपने रैली नहीं कि जहां से आपके चाचा शिवपाल सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस पर अखिलेश ने कहा कि उनका चुनाव चिन्ह भी साइकिल है और मैंने उनकी विधानसभा के पास चुनाव प्रचार किया है।
राजनीति में कभी भी प्लान बी नहीं होता
इसके बाद सवाल था कि अगर आपको विधानसभा चुनावों में बहुमत नहीं मिलता है तो आपका प्लान बी क्या होगा? अखिलेश ने कहा कि राजनीति में कभी भी प्लान बी नहीं होता है। मुझे जनता पर पूरा विश्वास है और वो मुझ पर अपना विश्वास जताएंगे।
अमेरिकी पॉलिटिक्स से मैं काफी दूर रहता
डिंपल से पूछा गया कि चुनावों के बाद क्या आपकी योजना है? तो उन्होंने कहा कि शायद हम छुट्टी मनाने जाएंगे। डिंपल ने यह भी कहा कि राजनीति उन्हें बहुत ज्यादा जोश नहीं भरती है। पर वो यहां अपने पति को समर्थन देने के लिए हैं। जब अखिलेश यादव से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अमेरिकी पॉलिटिक्स से मैं काफी दूर रहता हूं।












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