Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Abbas Ansari हेट स्पीच केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, अब सभी को फैसले का इंतजार

Abbas Ansari news: हेट स्पीच के मामले में सजा पाए पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की याचिका पर बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गईं। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे अब जल्द ही सुनाया जाएगा।

पूर्व विधायक अब्बास अंसारी ने इस मामले में स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए द्वारा सुनाई गई सजा को स्थगित करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी। इससे पहले, कोर्ट ने 22 जुलाई को इस याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 30 जुलाई तय की थी, जिसके तहत बुधवार को यह सुनवाई हुई।

abbas ansari hate speech incident

अब्बास की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस मिश्र और अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार का पक्ष अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी और एजीए संजय सिंह ने रखा। दोनों पक्षों की पूरी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया।

चुनावी मंच से दिए बयान पर दर्ज हुआ था मामला

बताया गया कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक रहे अब्बास अंसारी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद एक जनसभा में राज्य सरकार के अधिकारियों को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। भाषण में दिए गए बयान को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

मऊ की विशेष अदालत (एमपी/एमएलए कोर्ट) ने इस बयान को गंभीर मानते हुए अब्बास अंसारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए (वर्गों के बीच शत्रुता बढ़ाने) और 189 (सरकारी सेवक को धमकाने) के तहत दो-दो वर्ष की सजा सुनाई थी।

अन्य धाराओं में भी हुई थी सजा

इसके अतिरिक्त अदालत ने धारा 506 (धमकी देना) के तहत एक वर्ष और धारा 171-एफ (चुनाव में अनुचित प्रभाव डालना) के तहत छह महीने की सजा भी सुनाई थी। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया था। इसके अलावा, दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

बयान के दौरान मंच पर मौजूद अब्बास अंसारी के चुनाव एजेंट मंसूर अंसारी को भी दोषी करार देते हुए छह महीने की कैद की सजा सुनाई गई थी। यह मामला उस समय से ही राजनीति और कानून के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

निचली अदालत से याचिका हुई थी खारिज

अंसारी ने सजा को स्थगित करने के लिए विशेष अदालत में याचिका दी थी, जिसे पांच जुलाई को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी, जिस पर अब सुनवाई पूरी हो चुकी है।

इस मामले में अब हाईकोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सजा यदि स्थगित नहीं होती, तो अब्बास अंसारी की राजनीतिक गतिविधियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल अदालत के निर्णय का सभी पक्ष इंतजार कर रहे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+