3 साल रची साजिश, फिर कुल्हाड़ी से.., दाढ़ी नोचने का खौफनाक बदला, पुलिस पत्नी पर करती रही शक...
उत्तर प्रदेश की कौशांबी पुलिस ने 18 दिन पहले हुई युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले हुए झगडे का बदला लेने के लिए आरोपियों ने युवक की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। हत्यारों ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि मृतक युवक ने उसकी दाढ़ी खींची थी, जिस वजह से उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
सबसे पहले पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझना होगा। दरअसल, पूरा मामला थाना सराय अकिल क्षेत्र के रसूलपुर टप्पा गांव का है। यहां बीती 20 तारिख को गांव के पास बिन्नई नहर में एक युवक की लाश मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और उसकी शिनाख्त के लिए आसपास के ग्रामीणों को बुलाया। जिसके बाद शव की पहचान खरका मोहल्ले के मोहन लाल पुत्र रतऊ के रूप में हुई।

इसके बाद सूचना परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही मृतक मोहन की पत्नी गुड्डी उर्फ़ गुड़िया और उसका भतीजा रोते-बिलखते मौके पर पहुँच गए। गुड्डी ने भी मृतक की पहचान अपने पति मोहन के रूप में की। उसने बताया कि मोहन मजदूरी करता था। वह एक दिन पहले शाम को पैसे लेकर लकड़ी लेने आरा मशीन गया था और फिर घर वापस नहीं आया।
उधर, कुछ ही देर बाद मृतक के माता-पिता भी मौके पर पहुंचे और दोनों ने गुड्डी पर मोहन की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रेमी के साथ मिलकर बहू ने बेटे को मार दिया और लाश नहर में फेंक दी। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि लापता होने से पहले मोहन और गुड्डी का झगड़ा भी हुआ था और गुड्डी ने मोहन को धमकी भी दी थी।
आपको बता दें कि इस दौरान मौके पर पति के शव से लिपटकर रो रही गुड्डी और उसके ससुर के बीच हाथापाई भी हुई थी। हालांकि, पुलिस ने बीच बचाव करवा दिया था। वहीं मोहन के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतक मोहन की पत्नी गुड्डी और अज्ञात कथित प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और तफ्तीश में जुट गई।
छानबीन के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी गुड्डी की कॉल डिटेल भी निकाली, लेकिन उसमे पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा और न ही उसके किसी से प्रेम प्रसंग होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने इसके एलावा गाँव के कई लोगों से भी पूछताछ की लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही रहे। इस पूरी कार्यवाही में पुलिस को एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग गया।
इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर परिजनों से पूछताछ की और किसी पुरानी रंजिश के बारे में सवाल किये। तभी मृतक मोहन लाला के पिता ने बताया कि करीब 3 साल पहले उनकी लड़कियां रूबी, रुचि, आँचल और करिश्मा पास के गाँव पठन का पुरवा के हबीबुर्र रहमान उर्फ़ नन्हे मियां के खेतों की मेड़ पर चारा काटने गई थीं। इस दौरान नन्हे ने चारों बेटियों को पीट दिया था।

जिसके बाद बेटियों ने यह बात जब अपने भाई मोहन लाल को बताई तो उसने नन्हे मियां को पीट दिया। इसके साथ ही नन्हे मियां पर एफआईआर भी करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि उस दौरान नन्हे के खिलाफ SC-ST एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में जेल जाते समय नन्हे ने मोहन को देख लेने की धमकी दी थी। फिर 5 महीने बाद नन्हे जमानत पर बाहर भी आ गया था।
वहीं पुलिस ने जब यह पूरी कहानी सुनी तो पुलिस का भी माथा ठनका और उन्होंने पिता के बयान के आधार पर नन्हे के खिलाफ FIR दर्ज कर उसकी गिरफ़्तारी के लिए 'पठन का पुरवा' गाँव में दबिश देना शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस को जब पता चला की नन्हे और उसके दो साथी फरार चल रहे हैं, तब पुलिस का शक और पक्का हो गया।
जिसके बाद कई जगह छापेमारी और मुखबिर की सूचना की मदद से पुलिस ने नन्हे और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान शुरू में नन्हे पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वो टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिर उसने हत्या की कहानी सुनाई, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
नन्हे ने पुलिस को बताया कि "मोहन की बहने मेरे खेत में घास काटने आती थी। उन्हें जब मैं मना करता तो वह मेरी मजाक बनाती थी। एक दिन मैंने उन चारों को पकड़ लिया और पीट दिया। जिसके कुछ देर बाद मोहन आया और उसने मुझे पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान उसने मेरी दाढ़ी पकड़ ली और घसीटना शुरू कर दिया।" नन्हे ने कहा कि "बस यही बात मुझे अच्छी नहीं लगी।"
हत्यारे नन्हे का कहना था कि "उस दिन अगर वो मुझे मारता या गाली देता तब भी बर्दाश्त कर लेता, लेकिन उसने मेरी दाढ़ी नोच ली जो मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ। पुलिस ने कार्रवाई की, तब भी मैं चुप रहा। तभी से मुझे मौके की तलाश थी, जो मुझे 20 तारिख को मिल गया।"
पुलिस की पूछताछ में नन्हे ने बताया कि मोहन से बदला लेने की साजिश पहले ही कर ली गई थी। घटना वाले दिन मोहन उन्हे अकेला मिल गया। इसी मौके का फायदा उठाकर तीनों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। नन्हे ने बताया कि "इस दौरान भी गली-गलौज कर रहा था। उसने माफ़ी भी नहीं मांगी, उसकी हेकड़ी कम नहीं हुई थी। फिर हमने उसके सर पर कुल्हाड़ी मार दी और नहर में फेंक दिया।"

वहीं अब इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी नन्हे और उसके दो साथी, इस्लाम और दिनेश उर्फ़ गब्बर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह भी बताया कि इन अभियुक्तों के खिलाफ एससी-एसटी का भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।आपको बताते चलें कि मोहन की चार साल पहले शादी हुई थी और उसके दो बच्चे भी हैं।












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