यूपी: पूरा परिवार हुआ नेत्रहीन, सीएम योगी से रोशनी की उम्मीद
ठाकुरद्वारा में एक पूरा परिवार नेत्रहीन है और वे दर्दनाक जिंदगी जीने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि वे दूसरों का सहारा लेकर वोट देने गए लेकिन जीती हुई सरकारों ने उनके लिए कुछ नहीं किया।
ठाकुरद्वारा। उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम तुमड़िया कला में 65 वर्षीय अब्दुल रशीद का परिवार रहता है जिसकी कहानी सुनकर हर कोई दंग रह जाता है। लेकिन सालों से भ्रष्ट सिस्टम को इनका दर्द नहीं दिखा जबकि परिवार गरीबी की हालत में बेबसी की जिन्दगी जीने को मजबूर है।

अब्दुल रशीद के परिवार में उनके आठ बच्चों के दृष्टिहीन होने की ख़बर पर जब मीडियाकर्मियों की टीम वहाँ पहुँची तो नज़ारा देखकर दंग रह गयी। बच्चों के दृष्टिहीन होने के सवाल पर अब्दुल रशीद की 60 वर्षीय पत्नी फूट-फूट कर रोने लगी और अपनी बेबसी की कहानी बयां करते हुए बताया कि 10 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक की उम्र मे पहुँचते -पहुँचते बच्चों की आँखों से रोशनी चली जाती है।अब्दुल रशीद के परिवार मे 4 लड़की और 4 लड़के दृष्टिहीन हैं जिनके भविष्य की फिक्र में हर समय बूढ़े माँ-बाप घुट-घुट कर जीने को मजबूर हैं।

अब्दुल रशीद की पत्नी ने बताया कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद कभी-कभी चार बच्चों को तीन-तीन सौ रूपये की पेंशन मिलती है। साहब उससे क्या होता है, न ही बच्चों का इलाज हो पाता है और न ही खाने का इंतज़ाम। इतना ही नहीं एक तरफ जहाँ इन पर कुदरत का सितम टूट रहा है तो दूसरी तरफ ग्राम प्रधान और खण्ड विकास कार्यालय पर कार्यरत अधिकारियों की धाँधली के चलते इन्हें आज तक कोई लाभ नही मिल पाया।
पीड़ित परिवार जिस मकान मे रहता है वह बेहद जर्जर है जबकि सरकारी योजनाओं द्वारा गरीबों के लिए आने वाली आवासीय कालोनी मे चयन होने के बाद भी ग्राम प्रधान को रिश्वत न देने के कारण उस योजना से भी नाम कटवा दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications