सिंधिया परिवार की परंपरा कायम, महाकाल की शाही सवारी में शामिल होंगे महाराज ज्योतिरादित्य
उज्जैन, 21 अगस्त: भादौ मास के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे, जहां वे अपनी प्रजा का हाल जानेंगे। चांदी की पालकी में सवार होकर जैसे ही बाबा महाकाल मंदिर परिसर से बाहर निकलते हैं, वैसे ही श्रद्धालुओं में अलग उत्साह देखने मिलता है। यही कारण है कि, बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन करने श्रद्धालु दूर-दूर से धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचते हैं। भाद्रपद माह की दूसरी और शाही सवारी में भगवान महाकाल छः स्वरूपों में अपने भक्तों को दर्शन देंगे, पालकी में भगवान चन्द्रमोलेश्वर विराजित रहेंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में छठे सोमवार को सायं 4 बजे भगवान श्री महाकालेश्वर शाही सवारी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे।

सिंधिया परिवार ने शुरू की परंपरा आज भी कायम
धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा बेहद प्राचीन है। यह परंपरा सिंधिया परिवार की ओर से शुरू की गई थी, पहले सवारी में महाराज स्वयं शामिल होते थे, जिसके बाद राजमाता नियमित रूप से सवारी यात्रा में सम्मिलित होती रहीं। वहीं आज भी सिंधिया परिवार का कोई न कोई प्रतिनिधि शाही सवारी में सम्मिलित होने धार्मिक नगरी उज्जैन जरूर पहुंचता है, भादौ माह के दूसरे सोमवार पर निकलने वाली शाही सवारी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल होंगे।

प्रजा का हाल जानने निकलेंगे महाकाल
भगवान श्री महाकालेश्वर की सोमवार 22 अगस्त को शाही सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में विधिवत भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन होगा, इसके पश्चात भगवान चंद्रमोलेश्वर अपनी प्रजा के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के द्वारा पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर को सलामी देंगे।

परंपरागत मार्ग से निकलेगी शाही सवारी
भगवान महाकालेश्वर की पालकी अपने निर्धारित समय शाम 4 बजे से प्रारंभ होकर कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षीबाजार चौराहा, कहार वाड़ी, हरसिद्धीपाल से रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर पूजन-अर्चन के बाद शाही सवारी रामानुजकोट, बंबई वाले की धर्मशाला, गणगौर दरवाजा, खाती समाज का श्री जगदीश मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर, कमरी मार्ग, टंकी चौराहा, तेलीवाडा, कंठाल, सतीमाता मंदिर, छत्री चौक, श्री गोपाल मंदिर पर पहुंचेगी, जहां सिंधिया स्टेट द्वारा पररम्परानुसार पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमोलीश्वर का पूजन किया जायेगा। उसके बाद सवारी पटनी बाज़ार, गुदरी चौराहा, कोट मोहल्ला, महाकाल चौराहा होते हुए पालकी मंदिर परिसर में पहुंचेगी।

शाही सवारी को लेकर तैयारियां पूरी
भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली नहीं है जहां सोमवार की शाम 4 बजे बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर प्रजा का हाल जानने के लिए निकलेंगे वही इसके लिए विशेष तैयारियां की गई है जहां बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल होने के लिए विभिन्न प्रकार के बैंड और अलग-अलग भजन मंडली आएंगी। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल होंगे।












Click it and Unblock the Notifications