उज्जैन में घूसखोर पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने 8 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा
उज्जैन में लोकायुक्त की टीम ने घट्टिया तहसील से पटवारी को रंगे हाथ 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ग्राम निपानिया के रहने वाले पूरनलाल धनोतिया से पटवारी ने सीमांकन के नाम पर मांगी थी रिश्वत।
उज्जैन, 7 मई। मध्यप्रदेश में रिश्वत लेने के मामले कम नहीं हो रहे है। मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने उज्जैन की घट्टिया तहसील में एक पटवारी को रंगे हाथ 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि ग्राम निपानिया गोयल के रहने वाले पूरनलाल धनोतिया ने 1 जून को शिकायत की थी कि ग्राम में पदस्थ पटवारी अजीमुद्दीन कुरैशी उसकी भाभी के नाम की दो जमीनों के सीमांकन के नाम पर ₹10 हजार की रिश्वत मांग रहा है।

शिकायत के बाद लोकायुक्त ने आरोपी को धर दबोचा ने के लिए योजना बनाई। सबसे पहले लोकायुक्त ने पूरनलाल और आरोपी पटवारी की बातचीत को रिकॉर्ड किया। जिसमें दोनों के बीच ₹8 हजार में सौदा तय हुआ। मंगलवार को पूरा लाल ₹8000 लेकर पटवारी अजीमुद्दीन कुरैशी के पास पहुंचा। जैसे ही उसने पटवारी अजीमुद्दीन को घूस दी, वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने आरोपी पटवारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान लोकायत उज्जैन के डीएसपी सुनील तालान टीआई राजेंद्र वर्मा मौजूद थे।
क्या होता है सीमांकन
भूमि का सीमांकन है या (देमार्केशन ऑफ लैंड) भूमि के मालिक के अधिकार की गारंटी देने के लिए किया जाता है। यह मालिक के अधिकार के तहत क्षेत्र के वास्तविक सीमा को स्थापित करता है। सीमांकन से आपकी भूमि सुरक्षित और कब्जा धारियों से दूर रहती है।
बता दे आजकल सीमांकन की प्रक्रिया लोक सेवा गारंटी अधिनियम में है। आवेदन कार्यवाही समय सीमा में होती है, यदि आप के दस्तावेज पूर्ण है। इसके लिए आपको शासन द्वारा निर्धारित फीस जमा करनी होती है।
अगर कोई तहसीलदार व पटवारी आपसे सीमांकन के नाम पर पैसे मांगता है तो आप इसकी शिकायत लोकायुक्त में कर सकते हैं।












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