MP News: उज्जैन में महाकाल भक्तों से ठगी, 7 फर्जी वेबसाइट्स बंद, लाखों की ठगी का पर्दाफाश
MP News Mahakal: मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाली 7 फर्जी वेबसाइट्स को उज्जैन पुलिस ने बंद करवाया है। इन वेबसाइट्स के जरिए श्री महाकालेश्वर भक्त निवास में होटल बुकिंग का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में महाकाल थाना पुलिस और आईटी सेल की संयुक्त कार्रवाई में इन फर्जी वेबसाइट्स के डोमेन रजिस्ट्रार का पता लगाकर उन्हें बंद कराया गया। साथ ही, भविष्य में ऐसी वेबसाइट्स के पुनः सक्रिय होने से रोकने के लिए तकनीकी उपाय किए गए हैं। इस कार्रवाई ने साइबर अपराध के खिलाफ उज्जैन पुलिस की सतर्कता को उजागर किया है।

ठगी का तरीका: फर्जी बुकिंग से लाखों की लूट
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के नाम से फर्जी वेबसाइट्स बनाकर श्रद्धालुओं को ठग रहे थे। ये वेबसाइट्स ऑनलाइन होटल बुकिंग का लालच देकर एडवांस पेमेंट लेती थीं और नकली बुकिंग कन्फर्मेशन देती थीं। जब श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते, तो उन्हें पता चलता कि उनकी बुकिंग फर्जी है, और होटल में कोई रिजर्वेशन नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई: तकनीकी ट्रैकिंग से पर्दाफाश
महाकाल थाना पुलिस और आईटी सेल की संयुक्त टीम ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस की आईटी सेल ने इन वेबसाइट्स की होस्टिंग, डोमेन रजिस्ट्रेशन, और ब्राउजर गतिविधियों की गहन निगरानी की। जांच में 7 फर्जी वेबसाइट्स की पुष्टि हुई, जो श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के नाम से संचालित थीं।
पुलिस ने संबंधित डोमेन रजिस्ट्रार से संपर्क कर इन वेबसाइट्स को बंद करवाया। सीएसपी कोतवाली राहुल देशमुख और महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल की देखरेख में यह कार्रवाई पूरी हुई। एसपी शर्मा ने बताया, "तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए हमने सुनिश्चित किया कि ये वेबसाइट्स दोबारा सक्रिय न हों। भविष्य में साइबर अपराधों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।"
9 वेबसाइट्स की खबर: अस्पष्टता बरकरार
कुछ समाचार स्रोतों और X पोस्ट्स में दावा किया गया कि 9 फर्जी वेबसाइट्स बंद की गईं। उदाहरण के लिए, X पर @BNWTVNetwork ने लिखा, "महाकालेश्वर मंदिर में बुकिंग के नाम पर ठगी को लेकर पुलिस ने 9 फर्जी वेबसाइट्स बंद करवाईं।" हालांकि, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स, और SP उज्जैन के आधिकारिक बयानों में 7 वेबसाइट्स की ही पुष्टि हुई है। इस अस्पष्टता को देखते हुए, 7 वेबसाइट्स की संख्या को ही विश्वसनीय माना जा रहा है, क्योंकि यह पुलिस के आधिकारिक बयान से मेल खाती है।
श्रद्धालुओं के लिए पुलिस की अपील
उज्जैन पुलिस ने श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा, "श्री महाकालेश्वर मंदिर या भक्त निवास की बुकिंग केवल मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट (http://www.shrimahakaleshwar.com) या सरकारी अनुमोदित पोर्टल्स से करें। किसी अनजान वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।"
महाकाल मंदिर में ठगी का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब महाकाल मंदिर के नाम पर ठगी की घटनाएं सामने आई हैं। जून 2025 में ही वीआईपी दर्शन के नाम पर एक युवक को गिरफ्तार किया गया था, जिसने 7 श्रद्धालुओं से 1100 रुपये ठगे थे। मई 2025 में माधव सेवा न्यास के नाम पर एक भक्त से हजारों रुपये की ठगी हुई थी। मार्च 2025 में भस्म आरती के नाम पर महाराष्ट्र की 4 महिलाओं से 8500 रुपये ठगे गए, जिसके लिए 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
नईदुनिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भस्म आरती अनुमति और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। 2023 में भी मयूर जैन नामक व्यक्ति ने भस्म आरती के लिए 10,000 रुपये की ठगी की थी। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि साइबर अपराधी श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाने के लिए लगातार नए तरीकेadopt कर रहे हैं।
चुनौतियां और भविष्य की दिशा
- उज्जैन पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत कदम उठाया है, लेकिन कई चुनौतियां बाकी हैं:
- जागरूकता की कमी: कई श्रद्धालु YouTube या Google पर फर्जी नंबर और वेबसाइट्स के झांसे में आ जाते हैं।
- तकनीकी निगरानी: फर्जी वेबसाइट्स के दोबारा सक्रिय होने की संभावना को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है।
- टिकटिंग प्रक्रिया: मंदिर प्रशासन की टिकट प्रक्रिया में खामियां, जैसे स्कैन किए गए टिकटों का दुरुपयोग, ठगी को बढ़ावा दे रही हैं।
- मंदिर समिति ने टिकट चेकिंग और रजिस्ट्रेशन को तीन स्तरों पर सख्त करने का फैसला किया है। साथ ही, पुलिस ने Google LERS (Law Enforcement Request System) को पत्र लिखकर फर्जी वेबसाइट्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सतर्कता और जागरूकता जरूरी
श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और उनकी आस्था का फायदा उठाकर साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। उज्जैन पुलिस की इस कार्रवाई ने 7 फर्जी वेबसाइट्स को बंद करके एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, लेकिन श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन की जागरूकता ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है।
श्रद्धालुओं से अपील है कि वे http://www.shrimahakaleshwar.com या मंदिर समिति के काउंटरों के माध्यम से ही बुकिंग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत महाकाल थाना या साइबर सेल को दें। क्या उज्जैन पुलिस की यह कार्रवाई ठगी के सिलसिले को पूरी तरह रोक पाएगी? इसका जवाब भविष्य की निगरानी और जन जागरूकता पर निर्भर करता है।












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