AAP का BJP को गढ़ में ही झटका: भाजपा नेता परेश वसावा केजरीवाल की पार्टी में आ गए
सूरत। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद से गुजरात को अपना अगला लक्ष्य मानकर चल रही है। मिशन गुजरात के तहत 'आप' सूबे के सत्ताधारी दल से जुड़े नेता-कार्यकर्ताओं को अपने साथ ला रही है। इसी कोशिश के तहत कतारगाम में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक और भाजपा के तत्कालीन आदिजाति विभाग के डायरेक्टर परेश वसावा ने भाजपा छोड़कर 'आप' का दामन थाम लिया। इससे पहले उनकी पत्नी भी 'आप' की हो गई थीं।

एक ध्यान देने वाली बात यह भी है कि, वसावा के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कॉमेडी करने वाले कॉमेडियन धाराशी भाई बेराडिया भी 'आप' के हो गए हैं। ये दोनों लोग अरविंद केजरीवाल के सूरत आने पर ही 'आप' को ज्वॉइन कर चुके थे, लेकिन आाधिकारिक कार्यक्रम के तहत घोषणा अब की गई। सूरत में वसावा ने अपने ही दल भाजपा को निशाने पर ले लिया। उन्होंने आप का हिस्सा बनकर कहा- ''मैं बरसों से राजनीति में हूं, लेकिन भाजपा में जो भ्रष्टाचार चल रहा है, उसकी वजह से पार्टी छोड़नी पड़ी। कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।''
भाजपा-कांग्रेस के नाराज नेताओं को आप में लाने की रणनीति पर काम कर रहे आम आदमी पार्टी के प्रदेश महामंत्री मनोज सोरठिया ने कहा कि, चुनाव तो दूर हैं..उससे पहले ही आने वाले समय में भाजपा के कई सारे बड़े दिग्गज नेता आम आदमी पार्टी से जुड़ने वाले हैं। बकौल सोरठिया, '' जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आएगा भाजपा को झटका दिया जाएगा। हमें यह अहसास हुआ है कि, यहां सत्तारूढ भाजपा में भ्रष्टाचार चरम पर है। वहां उनके नेताओं की ही नहीं सुनी जाती है। ऐसे में अच्छे लोग हमसे जुड़ना चाहेंगे।'
कौन हैं परेश वसावा?
बता दें कि, परेश वसावा तापी जिले की निझर विधानसभा सीट से 3 बार कांग्रेस के विधायक रहे हैं। उनके पिता गोविंद भाई वसावा चिमन भाई पटेल की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस सरकार जाने के बाद परेश वसावा ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वह आदि जाति बोर्ड के डायरेक्टर पद पर नियुक्त हुए थे। उनकी पत्नी भाजपा की जिला पंचायत सदस्य थीं। अब दोनों आप के हो गए हैं।












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