VIDEO: सूरत अग्निकांड की FSL रिपोर्ट सामने आई, जानिए कैसे लगी आग, जो लील गई 23 जिंदगियां

surat Fire Tragedy News, सूरत। गुजरात में सूरत के सरथाणा स्थित तक्षशिला आर्केड में 24 मई लगी आग से एक टीचर समेत 23 स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल के दस्ते ने जांच-पड़ताल शुरू की। अब इसकी रिपोर्ट सामने आ गई है, इसमें अग्निकांड से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठा है। पहली बात, आग एसी के आउटडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। यही आग बाद में कई जगह फैल गई। आग से बिल्डिंग में मौजूद लकड़ी-प्लास्टिक जलने लगा। जिससे धुआं और चिंगारियां तेजी से बिल्डिंग के उूपरी हिस्से में फैलीं। स्टूडेंट्स का अंदर ही दम घुटने लगा और कई जिंदा भी जल गए।

एफएसएल रिपोर्ट से क्लियर हुईं ये बातें

एफएसएल रिपोर्ट से क्लियर हुईं ये बातें

जिस वक्त ​यह हादसा हुआ, मौके से बड़ी संख्या में वीडियो वायरल हुए। सोशल मीडिया पर लाइव किए जा रहे वीडियो में स्टूडेंट्स तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते दिखे। कूदने वाले कई छात्र जख्मी हो गए और कुछ की मौत भी हो गई। इस हादसे को लेकर सोमवार को सामने आई एफएसएल रिपोर्ट में बताया गया है कि एसी में आग दूसरी मंजिल पर लगी थी। जो बाद में चौथी मंजिल पर लगी कोचिंग क्लासेस तक पहुंच गई। फाइबर का डॉम होने के कारण वे लोग चपेट में आ गए।

छात्रों को नहीं मिल पाया था कोई रास्ता

छात्रों को नहीं मिल पाया था कोई रास्ता

आग ने चौथी मंजिल से उतरने के लिए मौजूद सीढ़ियों को जलाया जो कि लोहे एवं लकड़ी से बनी थीं। वह जल गईं तो स्टूडेंट्स को नीचे उतरने का रास्ता नहीं मिला। कोई रास्ता न होने के कारण चौथी मंजिल पर फंसे छात्रों का नीचे आना नामुमकिन हो गया। आग, धुएं और दहशत की वजह से बहुत से छात्र बेहोश हो गए और जल गए।

नहीं दी गई इस मामले पर सफाई

नहीं दी गई इस मामले पर सफाई

बहरहाल, इस रिपोर्ट में पीजीवीसीएल का एक टीसी जलने के बाद भी पावर कट क्यों नहीं हुआ? इसका कोई खुलासा नहीं किया गया है। साथ ही फायर डिपार्टमेंट को पहुंचने में हुई देर के बारे में भी कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, सब जानते हैं कि अगर फायर विभाग समय पर पहुंचता तो मौत का आंकड़ा इतना बड़ा नहीं होता।

अभी तैर रहे हैं ये भी सवाल

अभी तैर रहे हैं ये भी सवाल

इस मामले में बिल्डर हसमुख वेंकरिया और उसके पार्टनर जिग्नेश समेत क्लासेस के संचालक भार्गव को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों के रिमाण्ड खत्म होने के बाद उसको लाजपोर जेल में रखा गया है। हालांकि इस मामले में किसी बड़े अधिकारी को जेल में नहीं डाला गया है। ना ही पीजीवीसीएल और फायर विभाग की गैरजिम्मेदाराना हरकत को लेकर कोई कार्रवाई की गई है। ऐसे में उन मृतक छात्रों को इन्साफ मिलेगा या नहीं यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा।

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